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संसद में विपक्ष का सरकार पर हमला: बोले- युवा और किसान परेशान, उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं सरकार

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी दलों ने छात्रों की समस्याओं, नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, बेरोजगारी और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद समेत कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, किसानों और आम लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है। वहीं, भाजपा ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार कदम उठा रही है।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में किसान, युवा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर लोग परेशान हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र केवल निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा चाहते हैं, इसलिए उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

डिंपल यादव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि युवा अपनी आवाज उठाना चाहते हैं, लेकिन सरकार उनसे संवाद करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज को संसद में लगातार उठाती रहेगी।

पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर विपक्ष ने घेरा

आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने परिसीमन के मुद्दे पर सरकार से पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़े जुटाने से लोकतंत्र मजबूत नहीं होता, बल्कि पूरी प्रक्रिया स्पष्ट और निष्पक्ष होनी चाहिए।

वहीं, सांसद पप्पू यादव ने पेपर लीक मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब बार-बार प्रश्न पत्र लीक होते हैं तो इसका सीधा असर देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा समय पर नौकरी नहीं पा रहे हैं और परीक्षा व्यवस्था पर उनका भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।

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पप्पू यादव ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर सरकार सत्ता में आई, उन पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

कांग्रेस ने भी मांगा सरकार से जवाब

कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि देश कई गंभीर चुनौतियों से गुजर रहा है। उन्होंने नीट परीक्षा और राम मंदिर चढ़ावा विवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार को पहले इन मामलों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि छात्रों और अन्य महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के बाद ही अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा होनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने संसद के बाहर कहा कि देश में बदलाव की भावना दिखाई दे रही है और लोकतंत्र मजबूत है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

टीएमसी ने भी उठाए नीट और परिसीमन के मुद्दे

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ माजी ने कहा कि इंडी गठबंधन परिसीमन या महिला आरक्षण कानून के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने महिला आरक्षण विधेयक का पहले ही समर्थन किया था, लेकिन इसे लागू करने में देरी हुई।

उन्होंने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को गंभीर मुद्दा बताते हुए संसद में चर्चा की मांग की।

टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि देश के सामने नीट परीक्षा, कथित चंदा धोखाधड़ी और राजनीतिक मुद्दों समेत कई गंभीर विषय हैं। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर संसद में जवाब दें।

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उन्होंने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर इन मुद्दों को सदन में उठाएगा और जनता से जुड़े सवालों पर सरकार से जवाब मांगेगा।

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