मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में बिना लाइसेंस आयुर्वेदिक कामोत्तेजक दवाइयां बनाने और बेचने का कारोबार पकड़ा गया है। सिविल लाइन पुलिस ने इमरान कॉलोनी में छापा मारकर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस द्वारा जाकारी देते हुए बताया कि वो दोनों बाजार से कच्चा माल खरीदकर घर में दवाइयां और माजून तैयार करते थे। इसके बाद उन पर फर्जी लेबल लगाकर आयुर्वेदिक कंपनी के उत्पाद के तौर पर ऊंची कीमत में बेचते थे। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में दवाइयां, पैकेजिंग सामग्री, आपत्तिजनक उत्पाद और ऑनलाइन कारोबार में इस्तेमाल होने वाले लैपटॉप-कंप्यूटर बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद फुरकान निवासी रामपुरी लद्धावाला, हाल इमरान कॉलोनी और शाहिद निवासी गाजियाबाद, हाल इमरान कॉलोनी के रूप में हुई है। दोनों को 24 सितंबर की रात करीब 11:45 बजे इमरान कॉलोनी में पुराने निजामुद्दीन अस्पताल वाली गली से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने तलाशी के दौरान 50 माजून की डिब्बियां और आरएमडी हर्बल कंपनी के नाम वाले 12 बंडल रैपर टेप बरामद किए। इसके अलावा 270 शीशियां, अलग-अलग रंग और पैकिंग में गोलियों की डिब्बियां, 13 दवा किट और अन्य पैकेट मिले। पुलिस के मुताबिक, मौके से 1525 सिलिकन कंडोम, 1820 ड्रैगन कंडोम और 473 डिल्डो बेल्ट सहित अन्य आपत्तिजनक उत्पाद भी बरामद हुए हैं।
पूछताछ में पुलिस के अनुसार, दोनों ने बताया कि वे बाजार से कच्चा माल खरीदकर घर पर दवाइयां और माजून तैयार करते थे। तैयार माल को डिब्बियों में पैक करने के बाद फर्जी लेबल लगाए जाते थे और इन्हें बड़ी आयुर्वेदिक कंपनी के उत्पाद के रूप में ग्राहकों को बेचा जाता था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने खुद यह भी बताया कि उनके पास आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने और बेचने का कोई लाइसेंस या डिग्री नहीं है।
पुलिस के मुताबिक, इस कारोबार को बढ़ाने के लिए आरोपियों ने ऑनलाइन रास्ता भी अपनाया था। यूट्यूब और व्हाट्सऐप के जरिए उत्पादों का प्रचार किया जाता था और ग्राहकों से व्हाट्सऐप पर ऑर्डर लेकर सामान भेजा जाता था। पुलिस ने इसी ऑनलाइन गतिविधि में इस्तेमाल होने वाले एक लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम को भी कब्जे में लिया है।
पुलिस अब बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच के जरिए ऑनलाइन ग्राहकों, ऑर्डर और कथित बिक्री नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कच्चा माल कहां से आता था, तैयार उत्पाद किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। पुलिस आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच कर रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

