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मुजफ्फरनगर में हिस्ट्रीशीटर के सत्यापन पर थाने में ‘पंचायत’! दरोगा-सिपाही को 24 घंटे में लाइन हाजिर कराने की कथित धमकी, VIDEO वायरल

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मुज़फ़्फ़रनगर। तितावी थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर के पुलिस सत्यापन को लेकर शुरू हुआ विवाद थाने में हुई पंचायत तक पहुंच गया। आरोप है कि IGRS पर मिली शिकायत के सत्यापन के लिए गांव पहुंची पुलिस के साथ पहले अभद्रता की गई और बाद में शनिवार रात करीब 10 बजे थाने में हुई बैठक के दौरान एक पुलिसकर्मी को 24 घंटे के भीतर लाइन हाजिर कराने की धमकी दी गई। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले में भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बघरा ब्लॉक युवा अध्यक्ष कपिल चौधरी का नाम सामने आया है।

मामला छतेला गांव निवासी मुनव्वर के पुलिस सत्यापन से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक मुनव्वर तितावी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ तितावी थाने में गोवध अधिनियम, लूट, चोरी, गोकशी, हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। पुलिस इसी आपराधिक इतिहास के मद्देनजर उसका सत्यापन कर रही थी।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सतपाल उर्फ पप्पू ने IGRS के माध्यम से शिकायत की थी। इसी शिकायत के सत्यापन के लिए जसोई चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल अजीत गांव पहुंचे। पुलिसकर्मी मुनव्वर के घर पहुंचा, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं मिला। इसके बाद सत्यापन की कार्रवाई को लेकर मामला तूल पकड़ने लगा।

आरोप है कि इसी मामले में भाकियू टिकैत के युवा ब्लॉक अध्यक्ष कपिल चौधरी थाने पहुंचे। इस दौरान जसोई चौकी प्रभारी विनोद कुमार के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप है। इसके बाद राजेंद्र सैनी की मौजूदगी में बैठक हुई, जिसमें पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।

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बैठक के दौरान का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में कपिल चौधरी द्वारा हेड कांस्टेबल अजीत के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते हुए 24 घंटे के भीतर चौकी से लाइन हाजिर कराने की धमकी दिए जाने का दावा किया जा रहा है।

पुलिस पर दबाव बनाने के आरोपों के बीच कपिल चौधरी का आपराधिक रिकॉर्ड भी चर्चा में है। उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उनके खिलाफ वर्ष 2022 से 2025 के बीच विभिन्न धाराओं में चार मुकदमे दर्ज हैं। इनमें 2022 का मुकदमा IPC की धारा 506, 504, 307 और 34 के तहत दर्ज बताया गया है। वर्ष 2024 और 2025 के मुकदमों में BNS की विभिन्न धाराएं शामिल हैं। इन मुकदमों में लगाए गए आरोपों और उनकी वर्तमान न्यायिक स्थिति अलग-अलग हो सकती है।

वहीं, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हिस्ट्रीशीटर मुनव्वर के खिलाफ तितावी थाने में वर्ष 2010 से 2020 के बीच कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गोवध अधिनियम, IPC की धारा 376, 323, 504, 395, 412 और 307 तथा गुंडा अधिनियम और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं।

फिलहाल वायरल वीडियो और पुलिसकर्मियों के साथ कथित अभद्रता के मामले में पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि IGRS पर प्राप्त शिकायत के सत्यापन के दौरान शुरू हुआ विवाद पुलिसकर्मी को ही 24 घंटे में हटाने की कथित धमकी तक पहुंच गया।

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