मुज़फ़्फ़रनगर। पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरेटी गांव में रोहन राठी की हत्या के मामले में रविवार दोपहर करीब 2 बजे राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने रोहन के परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी और घटना को लेकर परिवार की ओर से उठाए जा रहे सवालों और आशंकाओं की जानकारी ली। इस मुलाकात के दौरान मंत्री ने पुलिस अधिकारियों से भी मामले की अब तक की जांच के बारे में जानकारी ली।
रोहन के परिजनों ने मंत्री के सामने घटना को लेकर अपनी आशंकाएं रखीं। परिवार की ओर से जांच में सामने आए तथ्यों के अलावा घटना के पीछे के उद्देश्य और संभावित अन्य पहलुओं को लेकर सवाल उठाए गए। मंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच में किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने इसके बाद एसएसपी संजय कुमार वर्मा और संबंधित पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने जांच में सामने आए तथ्यों और अब तक हुई पुलिस कार्रवाई के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि घटना से जुड़े प्रत्येक तथ्य और साक्ष्य की गहराई से जांच जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जांच के दौरान किसी संभावित पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि 24 सितंबर को हरेटी गांव के समीप खेत में 20 वर्षीय रोहन राठी का शव मिला था। पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों के कब्जे से वाहन, मोटरसाइकिल, अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद किए जाने की जानकारी भी पुलिस की ओर से दी गई है।
मामले की जांच के लिए पुलिस पहले ही पांच सदस्यीय एसआईटी गठित कर चुकी है। एसपी सिटी अमृत जैन की अध्यक्षता वाली टीम में सीओ सदर सुनील कुमार, सर्विलांस सेल प्रभारी रवेंद्र सिंह, एसओजी प्रभारी मोहित सिंह, छपार थानाध्यक्ष मोहित कुमार और पुरकाजी थानाध्यक्ष मानवेन्द्र भाटी शामिल हैं। अब इसी जांच के बीच मंत्री की पीड़ित परिवार से मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जांच में लापरवाही नहीं बरतने और सभी तथ्यों की गंभीरता से पड़ताल करने के निर्देश दिए।

