नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बारिश के चलते कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों से लेकर लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है। कई जगहों पर घुटनों तक पानी भरने के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। रोज कमाकर परिवार चलाने वाले दिहाड़ी मजदूरों और ठेला चलाने वालों के सामने भी काम का संकट खड़ा हो गया है।
लगातार बारिश के बीच बदायूं से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां कच्चे मकान की दीवार और छत अचानक गिरने से परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए। हादसे में डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल बताए गए हैं। बच्चे को इलाज के लिए बदायूं जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बदायूं जिला अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. गजेंद्र वर्मा ने बताया कि मकान ढहने की घटना में दबे दो लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें डेढ़ साल के रोहन नाम के बच्चे को मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं कालीचरण नाम के व्यक्ति को सीने में चोट लगी है और उसका उपचार किया जा रहा है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, मकान कच्चा था और पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। बारिश के कारण मकान कमजोर हो गया और अचानक भरभराकर गिर गया। परिवार के मुताबिक हादसे में बच्चे की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं।
भारी बारिश का असर बरेली में भी व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। शहर के कई इलाकों में सड़कों और घरों के भीतर पानी भर गया है। कुछ स्थानों पर जलभराव का स्तर घुटनों तक पहुंच गया है। इससे लोगों के सामने घर से निकलने और जरूरी कामकाज करने की समस्या खड़ी हो गई है।
बरेली के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि घरों में पानी भर जाने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि पानी इतना ज्यादा है कि लोग बाहर निकल तक नहीं पा रहे हैं। घर के अंदर घुटनों तक पानी भरने से परिवारों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बारिश के कारण केवल शहरी इलाकों में ही परेशानी नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी हादसे सामने आ रहे हैं। कायमगंज क्षेत्र में बारिश के पानी से भरे एक गड्ढे में नहाने के दौरान दो किशोर डूब गए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों किशोरों के शव पानी से बरामद कर लिए गए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के संबंध में अधिकारियों ने जांच के निर्देश दिए हैं।
सीओ अजय वर्मा के अनुसार, 27 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे पीआरबी के माध्यम से कायमगंज थाने को सूचना मिली थी कि ग्राम कटरा रहमत खां से कुछ दूरी पर स्थित एक खेत में पानी भरा हुआ है और कुछ बच्चे वहां नहा रहे हैं। इसी दौरान दो बच्चों के डूबने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाकर दोनों बच्चों के शव बरामद किए।
उधर, कन्नौज में भी भारी बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है। खांडे देवर इलाके में चरण का घर बारिश के कारण गिर गया। मकान गिरने से घर में बंधी दो बकरियों की मौत हो गई, जबकि घरेलू सामान भी खराब हो गया।
मकान गिरने के बाद परिवार को सुरक्षित स्थान पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। बताया गया कि परिवार करीब 24 घंटे से घर से बाहर रह रहा है और सरकारी सहायता की उम्मीद लगाए बैठा है।
कन्नौज के एक निवासी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि लगातार बारिश के कारण परिवार बेहद लाचार स्थिति में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन और सरकार की ओर से जल्द मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
लगातार बारिश ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। जलभराव के कारण जहां लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है, वहीं दिहाड़ी मजदूरों और छोटे कारोबारियों की रोजी रोटी पर भी असर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों के गिरने से लोगों के सामने रहने और सामान बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
बदायूं में मकान गिरने से बच्चे की मौत, कायमगंज में दो किशोरों की डूबने से मौत और कन्नौज में मकान गिरने से पशुओं की मौत जैसी घटनाओं ने बारिश के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
लगातार बारिश के बीच लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और पानी से भरे गड्ढों तथा अन्य खतरनाक स्थानों से दूर रहने की अपील की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में कमजोर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए भी बारिश के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी है।

