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कथित ‘अपील’ के बाद 11 बजे पुलिस ने बंद कराईं दुकानें: एक ही सड़क पर दो थानों का अलग-अलग रुख, कारोबारियों में डर का माहौल, ऑन कैमरा कोई बोलने को तैयार नहीं

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मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर के मीनाक्षी चौक की चिकन मार्केट में रात 11 बजे दुकानें बंद कराने को लेकर पुलिस की सख्ती अब नए सवाल खड़े कर रही है। गुरुवार रात करीब 11 बजे खालापार थाना पुलिस एक बार फिर मौके पर पहुंची और दुकानों को बंद कराया। एक दिन पहले (बुधवार रात) इसी मार्केट में खालापार इंस्पेक्टर विजय कुमार का वीडियो सामने आया था, जिसमें वह दुकानदारों से 10:50 बजे लाइट बंद करने और 11 बजे तक ग्राहकों को बाहर करने की बात कहते नजर आए थे।

इसके बाद एएसपी सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने मीडिया से कहा था कि दुकानें बंद करने का कोई निर्धारित पुलिस आदेश नहीं है, बल्कि दुकानदारों और मार्केट कमेटी से यह अपील की जा रही है। पुलिस का कहना था कि मकसद अतिक्रमण, विवाद और कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति को नियंत्रित करना है। लेकिन गुरुवार रात करीब 11 बजे पुलिस टीम का मौके पर पहुंचकर दुकानें बंद कराना इस ‘अपील’ की जमीनी तस्वीर पर सवाल खड़े कर रहा है।

सबसे खास बात यह है कि सख्ती पूरे बाजार में एक जैसी नजर नहीं आ रही। मीनाक्षी चौक की सड़क का एक हिस्सा थाना खालापार क्षेत्र में आता है, जबकि सड़क का दूसरा हिस्सा थाना सिविल लाइन क्षेत्र में है। खालापार थाना पुलिस जहां लगातार रात में पहुंचकर दुकानों को बंद करा रही है, वहीं दूसरी तरफ सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दुकानें पहले की तरह चलती दिखाई दे रही हैं। वहां इसी तरह की कार्रवाई नजर नहीं आ रही।

यानी एक ही सड़क पर दुकान के इस तरफ रात 11 बजे पुलिस पहुंचकर कारोबार बंद करा रही है और दूसरी तरफ सबकुछ पहले की तरह चल रहा है। ऐसे में सवाल यह भी है कि अगर व्यवस्था कानून-व्यवस्था या विवाद रोकने के लिए बनाई जा रही है, तो क्या उसका असर दोनों थाना क्षेत्रों में एक समान नहीं होना चाहिए?

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उधर, पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर दुकानदारों में भी खामोशी है। कोई भी दुकानदार कैमरे पर आकर इसे सही या गलत बताने को तैयार नहीं है। न कोई खुलकर पुलिस की कार्रवाई का समर्थन कर रहा है और न विरोध। कैमरा सामने आते ही लोग इस मुद्दे पर बोलने से बच रहे हैं। यह खामोशी अपने आप में मार्केट के माहौल की तस्वीर बताती है।

अब इस पूरे मामले में सवाल तीन स्तर पर खड़े हो रहे हैं। पहला ये कि जब कोई निर्धारित आदेश नहीं है तो 11 बजे पुलिस पहुंचकर दुकानें क्यों बंद करा रही है? दूसरा, अगर यह सिर्फ अपील है तो उसका पालन एक तरफ ही क्यों कराया जा रहा है? और तीसरा, एक ही सड़क पर खालापार और सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अलग-अलग व्यवस्था क्यों दिखाई दे रही है?

 

 

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