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जग्गाहेड़ी टोल हंगामा मामले में देर रात मुकदमा दर्ज: VHP नेता की तहरीर पर मैनेजर समेत 3 के खिलाफ मुकदमा, रात 9:30 बजे तक टोल फ्री रहा, मुकदमा दर्ज होने की शर्त पर लौटे

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मुज़फ़्फ़रनगर। जग्गाहेड़ी टोल प्लाजा पर शुक्रवार को VHP और बजरंग दल कार्यकर्ताओं का हंगामा करीब रात 9:30 बजे तक चलता रहा। कार्यकर्ता टोल प्लाजा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। फुगाना सीओ नरेंद्र यादव ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद अधिकारियों से बातचीत के बाद टोल प्लाजा कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की बात पर कार्यकर्ता वहां से हटे। उनके हटने तक टोल फ्री रहा और इसके बाद टोल शुल्क दोबारा शुरू किया गया।

इस मामले में देर रात शामली जिले के गढ़ी पुख्ता थाना क्षेत्र के ताना गांव निवासी VHP नेता आर्यन चौधरी की तहरीर पर टोल मैनेजर गौरव, उसके साथी बिल्लू और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ तितावी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा BNS की धारा 115(2), 351(3) और 352 के तहत दर्ज हुआ है।

FIR में आर्यन चौधरी ने आरोप लगाया है कि केशवपुरी मुज़फ़्फ़रनगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में VHP का कार्यक्रम था। इसमें शामिल होने के लिए शामली से कार्यकर्ताओं की बसें आई थीं। तहरीर के मुताबिक, एक बस अन्य बसों के आने का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान टोल पर नियुक्त कर्मचारियों से अभद्रता को लेकर विवाद हुआ।

दर्ज FIR में कहा गया है कि शिकायत करने के लिए आर्यन चौधरी टोल मैनेजर के कार्यालय पहुंचे, जहां मैनेजर गौरव और उसके साथी बिल्लू ने भी उनके साथ अभद्रता की। आरोप है कि इसी दौरान गाली-गलौज करते हुए गोली मारने की धमकी दी गई और अपने साथियों को फोन कर मौके पर बुलाया गया। FIR में इन लोगों के हथियारबंद होने का भी आरोप लगाया गया है।

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FIR के मुताबिक, इसी बीच कार्यकर्ताओं की अन्य बसें भी टोल पर पहुंच गईं। भीड़ बढ़ने पर टोल कर्मचारी वहां से चले गए। आर्यन चौधरी ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होना था, इसलिए उस समय वे मुज़फ़्फ़रनगर चले गए। बाद में कार्यक्रम से लौटते समय बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जग्गाहेड़ी टोल पर पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

आपको बता दें कि हंगामे के दौरान कार्यकर्ताओं के टोल पर बैठने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और टोल फ्री कर दिया गया था। करीब रात 9 :30 बजे तक चले गतिरोध के बाद मुकदमा दर्ज किए जाने की शर्त पर कार्यकर्ता वापस लौटे। इसके बाद टोल पर शुल्क वसूली फिर शुरू कर दी गई।

इस मामले में आरोपित टोल प्लाजा मैनेजर गौरव लाठियान का कहना है कि उनकी कोई गलती नहीं है। टोल शुल्क को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी। बाद में बिना टोल लिए ही बसों को मुफ्त में ही जाने भी दिया गया, लेकिन वापसी में भीड़ ने जमकर हंगामा किया। अब उल्टा हम पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।

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