लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों को बीज से लेकर बाजार तक जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। अन्नदाता किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की ताकत और समृद्धि का आधार हैं। इसलिए किसानों के अधिकारों की रक्षा करना, उनकी आय बढ़ाना और उनकी खुशहाली सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने खेती-किसानी को मजबूत बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों और किसानों को मिल रहे लाभों की जानकारी साझा की।
कर्ज और बिचौलियों की निर्भरता से किसानों को राहत देने का दावा
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश का किसान कर्ज, बदहाली और लाचारी से जूझता था तथा अपनी उपज के उचित मूल्य के लिए बिचौलियों के चक्कर लगाने को मजबूर रहता था। उनके अनुसार, आज किसानों को उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसानों को खेती के प्रत्येक चरण में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
खाद्यान्न उत्पादन में यूपी का 21 प्रतिशत योगदान
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कृषि विकास और सिंचाई सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया है। इससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिली है और किसानों के लिए सिंचाई की सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान 21 प्रतिशत है। प्रदेश की कृषि विकास दर भी आठ प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, दुग्ध, गन्ना और गेहूं के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।
धान खरीद में 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक का आंकड़ा
मुख्यमंत्री ने किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए धान खरीद के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच प्रदेश में 80 लाख से अधिक किसानों से 519 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की गई।
सीएम योगी के अनुसार, इस अवधि में किसानों को 1,03,833 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का सीधे भुगतान किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की मेहनत का सम्मान करने और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी। इसी क्रम में इस बार धान के समर्थन मूल्य में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना और कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसान प्रदेश की समृद्धि और अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार हैं। किसानों को बेहतर संसाधन, सिंचाई, उन्नत बीज, सरकारी योजनाओं का लाभ और उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराकर कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
