नई दिल्ली। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पुलिस ने जंतर-मंतर से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों में सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका भी शामिल हैं। वहीं, 12 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में हुए प्रदर्शन के संबंध में दिल्ली पुलिस ने चार एफआईआर दर्ज की हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये एफआईआर बीएनएसएस की धारा 163 के उल्लंघन और अन्य धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं। इनमें दो एफआईआर तिलक मार्ग थाने में, एक मंदिर मार्ग थाने में और एक बाराखंभा थाने में दर्ज की गई है। सूत्रों के अनुसार, कनॉट प्लेस इलाके में भी निषेधाज्ञा के उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया पर वीडियो जारी
हिरासत में लिए गए सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उनके साथ आशुतोष रांका भी दिखाई दे रहे हैं। इसमें आशुतोष रांका कहते नजर आ रहे हैं कि “ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तो जंतर-मंतर पर भी होगा।”
वीडियो में सौरव दास अपने साथ संविधान की प्रति रखे हुए दिखाई देते हैं। वहीं, पुलिस की बस में हिरासत में लिए गए अन्य लोग ‘भारत माता की जय’ और ‘जय भीम’ के नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।
12 अक्टूबर के प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर इंडिया ब्लॉक सहित कई संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में 12 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार एफआईआर दर्ज कीं।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान बीएनएसएस की धारा 163 का उल्लंघन किया गया। संबंधित इलाके में पहले से निषेधाज्ञा लागू थी। पुलिस ने इसी आधार पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने और एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की है।
फिलहाल, 12 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की हिरासत को लेकर घटनाक्रम जारी है।

