मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बुढ़ाना पुलिस ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे और निशानदेही पर कुल 5 लाख 26 हजार 500 रुपये की जाली करंसी बरामद की गई है। पुलिस को दिल्ली स्थित आरोपी के फ्लैट से लैपटॉप, कलर प्रिंटर और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला सामान भी मिला है।
गुरुवार दोपहर 2 बजे पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में SSP सूरज राय ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 अक्टूबर को एक सटीक सूचना मिलने के बाद मेरठ-करनाल हाईवे पर वाजिद के होटल के बराबर में बुढ़ाना-कांधला मार्ग पर ट्यूबवेल के पास कार्रवाई की गई। यहां से तीन संदिग्धों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 4 लाख रुपये की जाली करंसी बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम निवासी बागपत, महेंद्र निवासी पौड़ी गढ़वाल और टीनू निवासी मेरठ के रूप में हुई है। पुलिस ने शुभम की निशानदेही पर दिल्ली के नरेला स्थित उसके फ्लैट पर छापा मारा। यहां से एक लाख 26 हजार 500 रुपये की अतिरिक्त जाली करंसी के साथ लैपटॉप, कलर प्रिंटर, कॉटन पेपर और बटर पेपर के बंडल बरामद किए गए।
SSP के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें नकली नोट छापने का विचार ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम पर वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखने और यूट्यूब से जानकारी लेने के बाद आया। उनका मकसद जल्दी अमीर बनना था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह नकली नोट बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा था।
बुढ़ाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। अब इस मामले में जाली करंसी तैयार करने और उसे बाजार में चलाने से जुड़े नेटवर्क की जांच अहम होगी।

