मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में साइबर ठगों ने कंपनी के मालिक की पहचान का इस्तेमाल कर व्यापारी से 2 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने कंपनी के अकाउंटेंट के कंप्यूटर में मालवेयर डालकर WhatsApp अकाउंट पर कब्जा किया और मालिक बनकर उससे बातचीत की। इसके बाद अकाउंटेंट को झांसे में लेकर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करा ली। मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने लखनऊ से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ठगी गई रकम में से अब तक 1 करोड़ 24 लाख रुपये वापस कराए जा चुके हैं।
गुरुवार अपराह्न करीब 4 बजे SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने जानकारी देते हुए बताया कि FUTURE MOBILE LLP के अकाउंटेंट को कंपनी के एक कर्मचारी की ओर से ZIP फाइल मिली थी। अकाउंटेंट ने इसे कंपनी के कंप्यूटर पर खोला तो सिस्टम में मालवेयर इंस्टॉल हो गया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने कंप्यूटर पर चल रहे WhatsApp अकाउंट को अपने कब्जे में ले लिया। उन्होंने अकाउंट पर कंपनी मालिक के मोबाइल नंबर की जगह अपना नंबर सेव कर लिया और मालिक बनकर अकाउंटेंट से बातचीत शुरू कर दी।
SP क्राइम ने बताया कि ठगों ने इसी पहचान का फायदा उठाकर अकाउंटेंट को विश्वास में लिया और उससे 2 करोड़ रुपये अपने बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। साइबर अपराध की इस तकनीक को BOSS Scam कहा जाता है। इसमें अपराधी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी या मालिक की पहचान बनाकर कर्मचारी को भुगतान के लिए निर्देश देते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी मालिक की शिकायत पर मुज़फ़्फ़रनगर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने अनस उर्फ अयान गाजी को गिरफ्तार किया। वह लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र के आदिलनगर का निवासी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के तीन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी में किया गया था।
इन तीनों खातों से संबंधित 6 लाख 48 हजार रुपये की चार शिकायतें भी दर्ज हैं। इनमें दो शिकायतें कर्नाटक, एक दिल्ली और एक मुज़फ़्फ़रनगर से संबंधित है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस प्रकरण में पीड़ित कंपनी के खाते में 1 करोड़ 24 लाख रुपये वापस कराए जा चुके हैं।
