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मुज़फ़्फ़रनगर में प्रदूषण फैलाने वाली 3 फैक्ट्रियां सील: छापे में स्लैग क्रशिंग से उड़ने वाली धूल रोकने के नहीं मिले इंतजाम

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मुज़फ़्फ़रनगर। जिले में प्रदूषण फैलाने वाली तीन औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की गई है। DM उमेश कुमार मिश्रा द्वारा गठित की गई संयुक्त समिति ने बीती रात करीब 10 बजे निरीक्षण के दौरान इन इकाइयों में स्लैग क्रशिंग से उड़ने वाली धूल रोकने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं पाई। इकाइयों में रोलिंग मिलों से निकलने वाले स्लैग को क्रश कर पाउडर बनाने और उसकी ट्रेडिंग का काम किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान अत्यधिक वायु प्रदूषण उत्सर्जन होने और संचालन से संबंधित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद तीनों इकाइयों के मुख्य गेट सील कर संचालन बंद करा दिया गया।

स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के AE कुंवर संतोष कुमार के मुताबिक, चेकिंग के दौरान सुजड़ू स्थित स्टील अंपायर, मैसर्स गय्यूर और आदिल ट्रेडर्स में स्लैग की क्रशिंग के दौरान उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए वायु प्रदूषण नियंत्रण की समुचित व्यवस्था नहीं थी। इसके चलते इकाइयों से अत्यधिक वायु प्रदूषण उत्सर्जित हो रहा था।

निरीक्षण के दौरान इकाई प्रतिनिधियों से उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी संचालन संबंधी सहमति प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वे दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। रिपोर्ट में जल और वायु संबंधी सहमति तथा अन्य विभागों के जरूरी दस्तावेज नहीं होने का भी उल्लेख है।

संयुक्त समिति ने रिपोर्ट में जनहित और जनसमस्या को देखते हुए इकाइयों के मुख्य गेट सील कर उनका संचालन अवरुद्ध कराने की कार्रवाई दर्ज की है। तीनों निरीक्षण आख्या में इसी तरह की कमियां और सीलिंग की कार्रवाई का उल्लेख है।

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इस कार्रवाई के बाद अब इन इकाइयों के संचालन की अनुमति, प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था और संबंधित विभागों की निगरानी अहम होगी। हालांकि, उपलब्ध निरीक्षण आख्या में इकाइयों के नाम हस्तलिखित हैं। इसलिए उनके नाम और सटीक स्थान की पुष्टि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से करना जरूरी है।

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