Home » उत्तर प्रदेश » लखनऊ कचहरी में 200 से ज्यादा वकीलों के चैंबरों पर चलेगा बुलडोजर, विरोध में सड़क पर उतरे अधिवक्ता

लखनऊ कचहरी में 200 से ज्यादा वकीलों के चैंबरों पर चलेगा बुलडोजर, विरोध में सड़क पर उतरे अधिवक्ता

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लखनऊ। लखनऊ कचहरी परिसर में अवैध चैंबरों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई शुरू होने से अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद चिह्नित चैंबरों को ध्वस्त करने के लिए मौके पर बुलडोजर लगाए गए हैं। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में अधिवक्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और चैंबर तोड़ने से पहले उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की मांग की।

मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। कचहरी परिसर में कार्रवाई शुरू होने के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, 200 से अधिक चैंबरों को ध्वस्त करने की तैयारी की गई है।

सात से आठ बुलडोजर लगाए गए, कार्रवाई जारी

मौके पर मौजूद एसीपी पश्चिमी धनंजय कुशवाहा ने बताया कि चैंबरों पर लाल निशान लगाए गए हैं और सभी चिह्नित चैंबरों को तोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्रवाई शुरू हो चुकी है और चैंबरों को हटाए जाने तक यह जारी रहेगी।

एसीपी के मुताबिक, मौके पर सात से आठ बुलडोजर लगाए गए हैं और अतिरिक्त बुलडोजर भी पहुंच रहे हैं। उन्होंने कार्रवाई के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं होने की बात कही।

अधिवक्ताओं ने कहा- वैकल्पिक व्यवस्था के बिना कार्रवाई से बढ़ेंगी मुश्किलें

कार्रवाई का विरोध कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि चैंबर उनके पेशे और रोजमर्रा के कामकाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें हटाए जाने से बड़ी संख्या में वकीलों के सामने बैठने, मुवक्किलों से मिलने और कानूनी कार्य करने की समस्या खड़ी हो जाएगी।

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आईएएनएस से बातचीत में विरोध कर रहे एक अधिवक्ता ने दावा किया कि इस कार्रवाई से कम से कम 2,000 अधिवक्ता प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने चैंबर तोड़ने से पहले वकीलों के लिए कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।

अधिवक्ता के मुताबिक, दीपावली जैसे बड़े त्योहार के समय चैंबर हटाए जाने से उनकी परेशानियां और बढ़ सकती हैं। उन्होंने मांग की कि पहले वकीलों के बैठने और काम करने के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई जाए, उसके बाद चैंबरों को हटाने की कार्रवाई की जाए।

मुवक्किलों से मुलाकात और कामकाज को लेकर चिंता

प्रदर्शन कर रहे वकीलों का सवाल है कि चैंबर टूटने के बाद वे अपने मुवक्किलों से कहां मिलेंगे और नियमित कानूनी कामकाज कैसे करेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन को कार्रवाई के साथ-साथ अधिवक्ताओं की व्यावहारिक समस्याओं पर भी ध्यान देना चाहिए।

अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए बिना चैंबरों को ध्वस्त करने से उनकी आजीविका और पेशेवर गतिविधियां प्रभावित होंगी। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और प्रशासन से समाधान निकालने की अपील की।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई, समाधान पर टिकी नजरें

कचहरी परिसर में चिह्नित चैंबरों को हटाने की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है। एक ओर प्रशासन चिह्नित चैंबरों को ध्वस्त करने पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर अधिवक्ता वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

अब इस मामले में नजरें प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच संभावित समाधान पर टिकी हैं। फिलहाल, कार्रवाई के विरोध में धरना दे रहे वकीलों की प्रमुख मांग यही है कि उनके कामकाज को जारी रखने के लिए उचित स्थान की व्यवस्था की जाए।

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