उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में देवास रोड स्थित एक निजी होटल में शनिवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। होटल के फूड वेस्ट टैंक की सफाई और जांच के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बचाव अभियान चलाया। इस दौरान तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव और उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
एक श्रमिक को बचाने के लिए चैंबर में उतरे थे तीन अन्य मजदूर
जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार रात करीब 10:30 बजे होटल श्रीगंगा में हुई। होटल का फूड वेस्ट टैंक जाम हो गया था। इसकी जांच करने के लिए एक श्रमिक चैंबर के अंदर उतरा, लेकिन कुछ देर बाद वह जहरीली गैस की चपेट में आकर अंदर ही फंस गया।
उसे बचाने के लिए तीन अन्य श्रमिक भी एक-एक करके चैंबर में उतर गए। हालांकि, अंदर जहरीली गैस और दम घुटने के कारण चारों श्रमिक बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई। इस दौरान एक अन्य सफाई कर्मचारी हेमराज समय रहते चैंबर से बाहर निकलने में सफल रहा, जिससे उसकी जान बच गई।
डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाले गए शव
हादसे की सूचना मिलते ही माधव नगर पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। चैंबर का मुंह नहीं खुल पाने के कारण बचाव दल को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद कटिंग मशीन की मदद से चैंबर को काटा गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद चारों श्रमिकों को बाहर निकाला गया।
मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने श्रमिकों को बचाने के लिए सीपीआर भी दिया, लेकिन उन्हें होश में नहीं लाया जा सका। इसके बाद चारों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के दौरान बचाव अभियान में सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह तोमर, कांस्टेबल संतोष और एक अन्य व्यक्ति को भी चोटें आईं।
चार मृतकों की हुई पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की पहचान वाल्मीकि नगर निवासी कमलेश और नितिन, सोमवारिया निवासी वाहिद तथा झालावाड़ निवासी मनोज के रूप में हुई है। चारों के शवों का जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है।
एक मृतक के पिता शाकिर ने बताया कि उनका बेटा किराए के मकान में रहता था और दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का गुजारा करता था। उन्होंने बताया कि बेटा रात में काम पर गया था और अपने साथ टिफिन भी लेकर गया था। बाद में उन्हें उसकी मौत की सूचना मिली। इस खबर के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
कलेक्टर और एसपी ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
हादसे की जानकारी मिलने पर जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बचाव अभियान की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया दुख, चार-चार लाख की मदद के निर्देश
हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने राज्य शासन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि निजी होटल में चैंबर की सफाई के दौरान हुई दुर्घटना में चार लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
सांसद अनिल फिरोजिया ने भी व्यक्त की संवेदना
उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया ने भी इस हादसे को हृदयविदारक बताते हुए दुख जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि देवास रोड स्थित निजी होटल में सफाई कार्य के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार सफाई कर्मचारियों की असमय मृत्यु बेहद दुखद है। इस घटना में चार परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है।
सांसद ने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी और बाबा महाकाल से परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
हादसे के बाद होटल के फूड वेस्ट टैंक में जहरीली गैस बनने और सुरक्षा इंतजामों को लेकर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
