मुजफ्फरनगर। शराब की दुकानों पर ग्राहक बनकर पहुंचा आबकारी विभाग तो बीती मंगलवार रात हड़कंप मच गया! मुज़फ़्फ़रनगर में शराब निर्धारित कीमत पर बेची जा रही है या ग्राहकों से अधिक वसूली की जा रही है, इसकी पड़ताल के लिए आबकारी विभाग ने गोपनीय टेस्ट परचेज कराया।

विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आबकारी निरीक्षकों ने गुप्त तरीके से खरीदारी कराकर दुकानों की बिक्री व्यवस्था जांची। इसके साथ ही POS मशीन से बिक्री, स्टॉक रजिस्टर और शराब की बोतलों पर लगे QR कोड का सत्यापन किया गया। रात में विभाग की टीमों ने मुझेडा टोल प्लाजा और बायवाला चौराहे पर वाहनों की सघन चेकिंग भी की।
यूपी के अपर मुख्य सचिव और आबकारी आयुक्त के निर्देशों के क्रम में DM तथा SSP के निर्देशन में मंगलवार देर रात तक यह अभियान चलाया गया। आबकारी निरीक्षकों ने EICFS ऐप के माध्यम से जिले की मदिरा दुकानों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों पर उपलब्ध शराब के स्टॉक का स्टॉक रजिस्टर से भौतिक मिलान किया गया। साथ ही POS मशीन के जरिए शराब की शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने की व्यवस्था जांची गई।
ओवररेटिंग की पड़ताल के लिए कराए गए गोपनीय टेस्ट परचेज के जरिए यह जांचने की कोशिश की गई कि दुकानदार निर्धारित मूल्य पर ही शराब बेच रहे हैं या ग्राहकों से अधिक कीमत वसूल रहे हैं। वहीं, दुकानों में संचित स्टॉक से रैंडम आधार पर बोतलें निकालकर उनके QR कोड विभागीय ऐप से स्कैन किए गए। इसका उद्देश्य बोतलों की पहचान और उनसे संबंधित विवरण का सत्यापन करना था। निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को CCTV कैमरे लगातार चालू रखने के निर्देश भी दिए गए।
दुकानों की जांच के बाद आबकारी विभाग ने रात में भी अभियान जारी रखा। जिला आबकारी अधिकारी की मौजूदगी में आबकारी निरीक्षकों ने मुझेडा टोल प्लाजा और बायवाला चौराहे पर वाहनों को रोककर सघन चेकिंग की। इसके अलावा अवैध मदिरापान की आशंका के मद्देनजर रेस्टोरेंट भी जांचे गए। विभाग की इस कार्रवाई में शराब की दुकानों की बिक्री व्यवस्था से लेकर सड़कों पर वाहनों की आवाजाही तक निगरानी की गई।
आबकारी विभाग का यह अभियान शराब की दुकानों पर निर्धारित मूल्य से बिक्री सुनिश्चित करने, स्टॉक में संभावित गड़बड़ी की जांच और अवैध मदिरा के परिवहन पर निगरानी के उद्देश्य से चलाया गया। विभाग की ओर से जारी जानकारी में किसी दुकान पर ओवररेटिंग या स्टॉक में गड़बड़ी मिलने की पुष्टि नहीं की गई है।

