मुंबई। रिलायंस रिटेल अपने ऑनलाइन कारोबार को नई ऊंचाई देने और क्विक कॉमर्स के क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। कंपनी की इस रणनीति को प्रमुख ब्रोकरेज हाउस जेपी मॉर्गन, बैंक ऑफ अमेरिका और CLSA का भी समर्थन मिला है। एनालिस्टों का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 कंपनी के लिए निवेश और कारोबारी पुनर्गठन का दौर रहेगा, जबकि इन प्रयासों का वास्तविक लाभ वित्त वर्ष 2028 और 2029 में मुनाफे की तेज वृद्धि के रूप में दिखाई दे सकता है।
क्विक कॉमर्स और डिजिटल नेटवर्क पर बड़ा दांव
रिलायंस रिटेल का निवेश मुख्य रूप से क्विक कॉमर्स, डार्क स्टोर नेटवर्क, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर केंद्रित है। कंपनी ग्राहकों के नजदीक उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने और ऑनलाइन ऑर्डर की तेज डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है। इसके साथ ही मौजूदा स्टोर नेटवर्क को व्यवस्थित और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके।
FY28 से ऑनलाइन कारोबार के मुनाफे में योगदान की उम्मीद
ब्रोकरेज हाउसों ने रिलायंस रिटेल की दीर्घकालिक रणनीति को सकारात्मक बताया है। जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि कंपनी का ऑनलाइन कारोबार वित्त वर्ष 2028 से मुनाफे में सकारात्मक योगदान देना शुरू कर सकता है। बैंक ऑफ अमेरिका के मुताबिक, रिलायंस रिटेल फिलहाल अल्पकालिक कमाई बढ़ाने के बजाय मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने को प्राथमिकता दे रही है। डार्क स्टोर नेटवर्क का बेहतर इस्तेमाल होने से आने वाले समय में इसकी लाभप्रदता में सुधार की संभावना है।
वहीं, CLSA का मानना है कि ऑफलाइन कारोबार के कंसोलिडेशन और डिजिटल कारोबार के विस्तार से अगले दो वर्षों में कंपनी के EBITDA में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और प्रभुदास लीलाधर ने भी वित्त वर्ष 2028-29 के दौरान उत्पादकता और लाभप्रदता में सुधार की उम्मीद जताई है।
जियोमार्ट के ऑनलाइन ग्रॉसरी कारोबार में 42 फीसदी वृद्धि
रिलायंस रिटेल के डिजिटल कारोबार में तेजी के संकेत भी मिल रहे हैं। सितंबर तिमाही में जियोमार्ट का ऑनलाइन ग्रॉसरी कारोबार सालाना आधार पर 42 फीसदी बढ़ा। कंपनी ऑनलाइन कारोबार को विस्तार देने के लिए 1,000 से अधिक शहरों और कस्बों में फैले 5,000 से ज्यादा स्टोर के नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है।
इसके अलावा बेहतर कारोबारी संभावनाओं वाले क्षेत्रों में 303 नए स्टोर खोले गए हैं। कंपनी का रजिस्टर्ड ग्राहक आधार भी 10 फीसदी बढ़कर 40 करोड़ के पार पहुंच गया है।
कुल मिलाकर रिलायंस रिटेल की रणनीति ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार को एकीकृत कर डिजिटल उपभोक्ता बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की है। ब्रोकरेज हाउसों के आकलन के मुताबिक, मौजूदा निवेश और नेटवर्क विस्तार का असर आने वाले वर्षों में कंपनी की परिचालन क्षमता और मुनाफे पर दिखाई दे सकता है।
