नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ गया है। शनिवार को दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। दिल्ली सरकार के वायु गुणवत्ता निगरानी आंकड़ों के अनुसार, शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 365 रहा। इससे पहले शुक्रवार शाम को दिल्ली का एक्यूआई 382 दर्ज किया गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मानकों के मुताबिक, यह स्तर भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दीपावली से कुछ दिन पहले ही दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का तीसरा चरण लागू कर दिया है।
प्रदूषण रोकने के लिए ग्रैप का तीसरा चरण लागू
सीएक्यूएम की ग्रैप संबंधी उप-समिति ने शुक्रवार को यह फैसला लिया। आयोग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से इसकी जानकारी दी। ग्रैप-3 के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नौ-सूत्रीय कार्ययोजना लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर अंकुश लगाना और हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से रोकना है।
इस चरण के तहत निर्माण और विध्वंस गतिविधियों, वाहनों की आवाजाही तथा औद्योगिक संचालन पर विभिन्न प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। इसके अलावा स्कूलों और कार्यालयों के संचालन को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यावरण मंत्री ने लोगों से सहयोग की अपील की
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने राजधानी के निवासियों से प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू प्रतिबंधों का पालन करने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने मौसम की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में मौसम खराब रहने और हवा की गति लगभग शून्य तक पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली के निवासियों से आग्रह करता हूं कि वे ध्यान दें। कल से मौसम खराब रहने की उम्मीद है, हवा की गति लगभग शून्य तक गिरने की संभावना है। मैं सभी से इन प्रतिबंधों का पालन करने में सहयोग करने का अनुरोध करता हूं। केवल एक साथ काम करके ही हम दिल्ली में हवा को साफ करने में मदद कर सकते हैं।”
हवा की रफ्तार कम होने से बढ़ सकती है परेशानी
मौसम में बदलाव और हवा की गति कम होने से प्रदूषकों के फैलाव में बाधा आने की आशंका है। ऐसी स्थिति में प्रदूषण के कण वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता और बिगड़ सकती है। इसी आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने प्रदूषण नियंत्रण के उपाय तेज करने की तैयारी की है।
दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 लागू होने के बाद संबंधित विभागों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से प्रतिबंधों को लागू कराने के साथ लोगों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

