फरीदाबाद। यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विजेता एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर पर 17 अगस्त को हुई फायरिंग की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
आरोपी, जिसकी पहचान फरीदाबाद की पर्वतीय कॉलोनी के निवासी जतिन (24 वर्ष) के रूप में हुई है, रैपिडो बाइक चालक के रूप में काम करता था। पुलिस के अनुसार, जतिन ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए शूटरों को अपनी मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई थी।
इस घटना में कुल तीन शूटर शामिल थे, जिन्होंने सुबह 5:25 बजे एल्विश के सेक्टर-56 स्थित घर के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं।
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पुलिस कार्रवाई और बाइक बरामद
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि जतिन को 23 अगस्त को गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर हनुमान मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में जतिन ने खुलासा किया कि उसने अपने साथियों के कहने पर बाइक उपलब्ध कराई और वारदात की योजना में शामिल था।
पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। जतिन को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अब जतिन के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है, क्योंकि फरीदाबाद में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
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‘भाऊ गैंग’ ने ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी हरियाणा और पंजाब में सक्रिय ‘भाऊ गैंग’ ने ली थी। गैंग के प्रमुख सदस्य नीरज फरीदपुरिया और भाऊ रिटोलिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि उन्होंने एल्विश यादव के घर पर फायरिंग करवाई।
पोस्ट में उन्होंने लिखा, “एल्विश यादव के घर जो गोली चली है, वो हमने चलवाई है।”
भाऊ गैंग फिरौती, वसूली, और हत्या जैसे संगीन अपराधों के लिए कुख्यात है। नीरज फरीदपुरिया, जो पलवल का रहने वाला है, 2015 में उम्रकैद की सजा काट चुका है और जमानत पर रिहा होने के बाद विदेश भाग गया था। वह अब विदेश से ही अपना नेटवर्क संचालित कर रहा है।
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अन्य आरोपियों की तलाश जारी
इस मामले में पहले ही एक अन्य आरोपी इशांत उर्फ ईशू गांधी (19 वर्ष) को फरीदाबाद में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया जा चुका है। मुठभेड़ में इशांत के पैर में गोली लगी थी और वह वर्तमान में अस्पताल में भर्ती है।
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ने 24 अगस्त को दो अन्य शूटरों गौरव सिंह (22) और आदित्य तिवारी (19) को शाहबाद डेयरी (रोहिणी) के पास से गिरफ्तार किया। दोनों भाऊ गैंग से जुड़े हैं और फरीदाबाद के निवासी हैं। पुलिस अब बाकी फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
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गैंगस्टर गतिविधियों पर सवाल
पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और हत्या के प्रयास, सामूहिक अपराध और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में तीन नकाबपोश हमलावरों को बाइक पर आते और गोलियां चलाते देखा गया था।
गुरुग्राम पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह मामला न केवल एल्विश यादव की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहा है, बल्कि हरियाणा में गैंगस्टर गतिविधियों पर भी सवाल उठा रहा है।
