मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहा था। यह गिरोह लोगों को भारी-भरकम मुनाफे का लालच देकर लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठ रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर ठगी करने के नए-नए तरीके सीखे थे। पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से मोबाइल फोन और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
जानसठ फ्लाईओवर के पास से हुई गिरफ्तारी
यह पूरा मामला थाना नई मंडी क्षेत्र का है। पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए जानसठ फ्लाईओवर के ठीक नीचे से तीन शातिर आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरेंद्र मलिया, दीपक चौधरी और प्रवीण कुमार के रूप में हुई है।
फर्जी कंपनियों के नाम पर देते थे मुनाफे का झांसा
पुलिस जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन आरोपियों ने लोगों को जाल में फंसाने के लिए ‘ग्लोबल टेक रियल्टी’ (Global Tech Realty) और ‘जीटी एफएक्स ट्रेडिंग’ (GT FX Trading) के नाम से दो फर्जी कंपनियां बना रखी थीं। इन कंपनियों के नाम पर आरोपी नकली दस्तावेज और फर्जी इकरारनामे तैयार करते थे।
आरोपी सीधे-साधे लोगों को इन कंपनियों में पैसा निवेश करने पर हर महीने दस से बारह प्रतिशत तक का मोटा मुनाफा देने का झांसा देते थे। इसके अलावा विभिन्न व्यावसायिक परियोजनाओं में साठ प्रतिशत तक की मोटी हिस्सेदारी का लालच भी दिया जाता था। जब लोग इनके झांसे में आ जाते, तो आरोपी निवेश के नाम पर उनसे लाखों रुपये की रकम नकद ले लेते थे या फिर ऑनलाइन माध्यम से अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।
यूट्यूब वीडियो से सीखी जालसाजी
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ठगी करने और फर्जी कंपनियां चलाकर लोगों को प्रभावित करने का पूरा तरीका उन्होंने यूट्यूब पर उपलब्ध विभिन्न वीडियो को देखकर सीखा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और दोनों फर्जी कंपनियों से जुड़े कई कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं।
इस बड़ी धोखाधड़ी के संबंध में थाना नई मंडी में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों ने यूट्यूब की मदद से ठगी की इस पूरी योजना को अंजाम दिया और फर्जी कंपनियों के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की है। फिलहाल पुलिस की टीमें इस गिरोह के अन्य साथियों और इनके पुराने आपराधिक इतिहास की गहनता से जांच कर रही हैं। इसके साथ ही इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क ने अब तक कितने लोगों से कुल कितनी रकम की ठगी की है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य चेहरों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



