मुजफ्फरनगर। जनपद में ‘लव जिहाद’ और धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक पीड़ित महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि एक शातिर युवक ने खुद को हिंदू बताकर पहले उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया, फिर मंदिर में शादी की। असलियत सामने आने पर जब उसने विरोध किया, तो उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। अब आरोपी कोर्ट में गवाही न देने के लिए पीड़िता पर तेजाब फेंकने और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा है।
हिंदू बनकर प्रेमजाल में फंसाया, हरिद्वार में की शादी
एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में पीड़िता ने बताया कि आरोपी इमरान पुत्र अब्दुल रज्जाक, निवासी खोखनी ने अपनी असल धार्मिक पहचान छिपाकर खुद को हिंदू बताया और उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और बाद में दोनों ने हरिद्वार जाकर हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। शादी के कुछ समय बाद जब आरोपी की वास्तविक पहचान मुस्लिम के रूप में सामने आई, तो पीड़िता के पैरों तले जमीन खिसक गई। सच्चाई उजागर होने के बाद आरोपी इमरान उस पर जबरन धर्म परिवर्तन (निकाह) करने का दबाव बनाने लगा।
आठ बच्चों का पिता निकला धोखेबाज आरोपी
पीड़िता ने अपने शिकायती पत्र में एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि आरोपी इमरान पहले से ही शादीशुदा है और आठ बच्चों का पिता है। आरोपी ने यह बेहद महत्वपूर्ण बात भी उससे पूरी तरह छिपाकर रखी थी। जब पीड़िता ने धर्म बदलने और इस धोखे का विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
2022 से कोर्ट में चल रहा है मुकदमा
इस धोखाधड़ी और जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ पीड़िता ने साल 2022 में थाना खतौली में आरोपी इमरान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तब आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (अवैध धर्मांतरण कानून) सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। यह मामला वर्तमान में मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट (FTC-II) में अंतिम चरण में है और इसमें पीड़िता की गवाही होनी बाकी है।
गवाही रोकने के लिए तेजाब फेंकने और वीडियो वायरल करने की धमकी
पीड़िता का आरोप है कि कोर्ट में होने वाली गवाही से ठीक पहले आरोपी इमरान और उसके करीबी लगातार उस पर केस वापस लेने और समझौते का दबाव बना रहे हैं। आरोपी उसे रास्ते में रोककर धमकी दे रहा है कि यदि उसने कोर्ट में उसके खिलाफ बयान दिए, तो वह उसके चेहरे पर तेजाब फेंक देगा। इसके साथ ही आरोपी पूर्व के कुछ आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दे रहा है, जिससे पीड़िता और उसकी मासूम बेटी गहरे मानसिक तनाव और खौफ के साए में जी रही हैं।
स्थानीय पुलिस की ढिलाई पर उठे सवाल, एसएसपी से सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने बताया कि उसने पहले भी स्थानीय पुलिस से आरोपी द्वारा दी जा रही धमकियों की शिकायत की थी, लेकिन तब पुलिस ने मामले को हल्के में लेते हुए आरोपी के खिलाफ महज शांति भंग की आशंका (धारा 151) के तहत मामूली कार्रवाई करके पल्ला झाड़ लिया था। पुलिस की इसी ढिलाई के कारण आरोपी के हौसले बुलंद हैं। पीड़िता ने अब एसएसपी से गुहार लगाई है कि धमकी देने के मामले में आरोपी के खिलाफ तत्काल नई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेजा जाए और पीड़ित परिवार को पुख्ता पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।


