मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत सोमवार की सुबह मुजफ्फरनगर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जनपद के थाना तितावी क्षेत्र में पुलिस और एक शातिर बदमाश के बीच हुई आमने-सामने की मुठभेड़ में दस हजार रुपये का इनामी अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल बदमाश को दबोच लिया और उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान दिलशाद उर्फ डीलर पुत्र खलील के रूप में हुई है, जो तितावी थाना क्षेत्र के ही बघरा गांव का निवासी बताया जा रहा है।
जसोई कट पर चेकिंग के दौरान वारदात
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह तितावी पुलिस की एक टीम चिरमत टिल्ला के पास जसोई कट पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग का अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को एक संदिग्ध वाहन आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस कर्मियों ने जब टॉर्च की रोशनी दिखाकर उस वाहन को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी और भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस टीम ने जब घेराबंदी कर उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने खुद को घिरा देख पुलिस पर सीधी फायरिंग झोंक दी।
आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई
बदमाश द्वारा की गई अचानक फायरिंग से पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। इसके बाद पुलिस टीम ने भी पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पुलिस द्वारा चलाई गई गोली सीधे शातिर बदमाश दिलशाद के पैर में जा लगी, जिससे वह लहुलूहान होकर मोटरसाइकिल सहित जमीन पर गिर पड़ा। बदमाश के गिरते ही पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया और उसके पास से अवैध असलहा व कारतूस बरामद किए।
गोकशी सहित दर्ज हैं आधा दर्जन मुकदमे
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़ा गया दिलशाद उर्फ डीलर एक बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। उस पर उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से दस हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह काफी समय से फरार चल रहा था। आरोपी के खिलाफ गोकशी जैसी गंभीर धाराओं सहित आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को अस्पताल भेजने के साथ ही घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और उसके पूरे आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है ताकि आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।



