मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद अंतर्गत खतौली थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न और हत्या का एक बेहद हृदयविदारक मामला प्रकाश में आया है। यहां पांच माह की एक गर्भवती नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खाने से मौत हो गई। मृतका के मायके वालों का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने दहेज की अतिरिक्त मांग पूरी न होने पर उसे जबरन जहर देकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद जब स्थानीय पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आक्रोशित परिजनों और वलीदपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने मुजफ्फरनगर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
शादी के बाद से ही शुरू हो गया था प्रताड़ना का दौर
पुलिस को दी गई तहरीर और एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान मृतका के पिता बाबूराम ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री शालू का विवाह पूरे रीति-रिवाज के साथ 25 नवंबर 2024 को खतौली के सद्दीक नगर निवासी अंकुर के साथ संपन्न किया था। सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज देने के बावजूद शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग संतुष्ट नहीं थे। पति अंकुर, सास बबीता, जेठ अनुज, ननद गुड़िया व अनु, जेठ का बेटा गोलू तथा नंदोई राजेश उर्फ फौजी लगातार शालू को कम दहेज लाने के ताने देते थे। इसके साथ ही पहली संतान बेटी होने और बेटा न होने की बात को लेकर भी शालू को रोजाना मानसिक और शारीरिक रूप से बदतर तरीके से प्रताड़ित किया जाता था।
फोन पर रोते हुए कहा कि मुझे जबरन जहर दे दिया है
पीड़ित पिता ने रुंधे गले से बताया कि बीती 26 जून की शाम को शालू ने बदहवास हालत में अपने मायके फोन किया था। उसने रोते हुए परिजनों को बताया कि ससुराल वालों ने उसके साथ जमकर मारपीट की है और अब उसे जबरन कोई जहरीला पदार्थ पिला दिया है। बेटी की जान खतरे में होने की सूचना मिलते ही मायके वाले तुरंत खतौली पहुंचे और उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए मेरठ के पल्लवपुरम स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गर्भ में पल रहे पांच माह के शिशु के साथ शालू ने भी 27 जून की तड़के उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
कार्रवाई में ढिलाई पर भड़के ग्रामीण, एसएसपी ने दिया आश्वासन
घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी जब खतौली पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। सोमवार को मृतका के गांव वलीदपुर (थाना दौराला, मेरठ) से भारी संख्या में आए पुरुषों और महिलाओं ने एसएसपी कार्यालय पर धरना दे दिया। परिजनों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर आरोपियों को संरक्षण दे रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों ने खतौली थाना प्रभारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को तेज करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाए।



