देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में मौसम के बदले मिजाज और सोमवार रात भर हुई मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर भीषण भूस्खलन हुआ है, जिससे बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख मार्ग और सैकड़ों ग्रामीण सड़कें मलबे की चपेट में आकर ठप हो गई हैं। रास्ते बंद होने से दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से पूरी तरह कट गया है। मौसम की इस गंभीर स्थिति और भारी जोखिम को भांपते हुए प्रशासन ने प्रभावित जिलों में एहतियातन स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है।
मलबे और पत्थरों की बौछार से बद्रीनाथ हाईवे बंद
आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने और लगातार बड़े-बड़े पत्थर गिरने के कारण भानारपानी, गुलाबकोटी और बिरही-निजमूला समेत कई संवेदनशील स्थानों पर बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। मार्ग पर वाहनों के पहिये थम गए हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने इन प्रभावित हिस्सों पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है। हाईवे को खोलने के लिए सीमा सड़क संगठन और स्थानीय प्रशासन की टीमें भारी मशीनों के साथ लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन रुक-रुक कर गिर रहे पत्थरों के कारण राहत कार्य में काफी बाधा आ रही है।
रुद्रप्रयाग में उफान पर अलकनंदा, जलमग्न हुए घाट
गढ़वाल क्षेत्र के ऊपरी हिमालयी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर नदियों के जलस्तर पर देखने को मिल रहा है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण प्रसिद्ध नमामी घाट पूरी तरह पानी में डूब गया है। जिला प्रशासन ने बताया कि नदी का जलस्तर समुद्र तल से 622.90 मीटर ऊपर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान के बेहद करीब है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है और जल पुलिस व एसडीआरएफ की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कुमाऊं मंडल के स्कूलों में छुट्टी और यात्राओं पर रोक
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए कुमाऊं मंडल के प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा के मद्देनजर मंडल के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा एक से बारहवीं तक के छात्रों के लिए सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर प्रतिकूल मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने इनर लाइन परमिट जारी करने पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास जाने की भूल कतई न करें।



