लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है। इस मुद्दे पर विपक्ष द्वारा लगातार सरकार को घेरे जाने और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग कल तक भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर रहे थे, आज वे अपने राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए उन्हीं के नाम का सहारा लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सनातन संस्कृति और रामलला का विरोध करने वाले इन दलों को अयोध्या के विषय पर चर्चा करने का भी कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
निहत्थे राम भक्तों पर गोली चलाने वालों को हक नहीं
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन देश और सनातन संस्कृति का हर एक नागरिक भली-भांति जानता है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने हमेशा राम मंदिर निर्माण का पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने याद दिलाया कि ये वही लोग हैं जिन्होंने देश की सर्वोच्च अदालत में हलफनामा दायर कर प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान पर ही संदेह व्यक्त किया था। डिप्टी सीएम ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह वही विपक्षी दल हैं जिन्होंने सत्ता में रहते हुए अयोध्या धाम में कारसेवकों और निहत्थे राम भक्तों पर गोलियां चलवाकर वहां की पवित्र धरती को खून से रंगने का काम किया था। मंदिर निर्माण के समय भू-माफिया जैसे शब्दों का प्रयोग करने वालों को भगवान श्रीराम कभी क्षमा नहीं करेंगे।
वक्फ और मदरसों की फंडिंग पर मौन क्यों है विपक्ष
सपा के एक हालिया वीडियो का जिक्र करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा कि विपक्ष आज भी अपनी पुरानी मानसिकता से ग्रसित है और प्रभु रामलला के खिलाफ अनर्गल टिप्पणियां करके सनातन संस्कृति को बदनाम करने की गहरी साजिश रच रहा है। उन्होंने पलटवार करते हुए सवाल किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को जनता को यह बताना चाहिए कि बाबरी मस्जिद के नाम पर जो चंदा इकट्ठा किया गया था, वह आज कहां है? उन्होंने यह भी पूछा कि अखबारों में समय-समय पर मदरसों को होने वाली संदिग्ध फंडिंग और वक्फ संपत्तियों में हो रहे बड़े घोटालों पर समाजवादी पार्टी अपनी जुबान बंद क्यों रखती है? उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन हमेशा से मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करता आया है, जिसका खामियाजा उसे भुगतना ही पड़ेगा।
जनता भ्रम फैलाने वालों को सिखाएगी सबक
इस पूरे विवाद पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर जो लोग आज हंगामा खड़ा कर रहे हैं, वे केवल अपने लिए एक राजनीतिक अवसर की तलाश में हैं। इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई सबके सामने आनी ही चाहिए, लेकिन इसका राजनीतिकरण करना बेहद निंदनीय है। मंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता इतनी नासमझ नहीं है कि वह विपक्ष के इस झूठे प्रचार और भ्रम के जाल में फंस जाए। जनता पहले भी ऐसे बयानों और देशविरोधी प्रयासों का करारा जवाब दे चुकी है और आने वाले समय में भी इन ताकतों को उनकी सही जगह दिखाएगी।



