हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में इन दिनों अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नकली नोटों को बाजार में खपाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पंजाब के रहने वाले चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने पांच-सौ रुपये के 169 जाली नोट बरामद किए हैं, जिनका कुल मूल्य 84,500 रुपये है। इस मामले की गंभीरता और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली इस साजिश को देखते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। जांच एजेंसियों ने पकड़े गए तस्करों के पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए एक गोपनीय जांच शुरू कर दी है।
मेला अस्पताल के पास संदिग्ध हालत में दिखे तस्कर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह के सख्त निर्देश पर जिलेभर में अपराध और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सिटी कोतवाली पुलिस की टीम देर रात मेला अस्पताल के पास मुस्तैदी से वाहनों और संदिग्धों की जांच कर रही थी। तभी मेला अस्पताल की दिशा से चार युवक पैदल आते हुए दिखाई दिए। पुलिस कर्मियों को देखकर चारों युवक अचानक सहम गए और अपनी राह बदलकर तेजी से पीछे भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा किया और बिल्केश्वर तिराहे से टिबड़ी तिराहे के बीच घेराबंदी करके चारों को दबोच लिया।
बीस हजार रुपये के बदले खरीदे थे एक लाख के नकली नोट
पकड़े गए युवकों की जब मौके पर ही जामा तलाशी ली गई, तो पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए। उनके पास से पांच-सौ रुपये के 169 हूबहू दिखने वाले जाली नोट बरामद हुए। कोतवाली लाकर की गई कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे बेहद संगठित तरीके से इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। उन्होंने बताया कि यह नकली करेंसी उन्होंने पंजाब के ही गुरदासपुर निवासी एक मुख्य सप्लायर से खरीदी थी। तस्करों ने महज 20,000 रुपये की असली भारतीय करेंसी देकर 500 रुपये के 200 जाली नोट, यानी कुल एक लाख रुपये की डमी करेंसी हासिल की थी। इस नकली रकम को हरिद्वार के स्थानीय बाजारों, ढाबों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में असली नोटों के रूप में चलाकर मोटा मुनाफा कमाने की उनकी योजना थी।
कई दुकानों पर पहले ही खपा चुके थे जाली नोट
आरोपियों ने पुलिस के सामने यह भी स्वीकार किया कि हरिद्वार पहुंचने के एक दिन पहले उन्होंने यहां के स्थानीय बाजारों में घूम-घूमकर कुछ नकली नोटों के जरिए छोटी-मोटी खरीदारी की थी और असली रुपये वापस लेकर दुकानदारों को चूना लगाया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरफ्तार आरोपियों सरजीत सिंह (उम्र 58 वर्ष), टिंकू (उम्र 29 वर्ष), सुमित कुमार (उम्र 20 वर्ष) और संजीव कुमार (उम्र 47 वर्ष) के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। ये सभी आरोपी गुरदासपुर, पंजाब के रहने वाले हैं। पुलिस प्रशासन ने मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन कर पंजाब रवाना कर दिया है, साथ ही उन दुकानों को भी चिह्नित किया जा रहा है जहां ये नोट चलाए गए थे।



