इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जहां बुधवार की तड़के एक अनियंत्रित प्राइवेट बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। इस भयंकर भिड़ंत में बस के परखच्चे उड़ गए, जिससे मौके पर ही बस चालक और परिचालक (कंडक्टर) की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं बस में सवार दो दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। चीख-पुकार मचने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
आगरा-कानपुर हाईवे पर सुबह पांच बजे काल बनी नींद की झपकी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा इटावा जिले के आईटीआई चौराहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आगरा-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार सुबह करीब पांच बजे घटित हुआ। बताया जा रहा है कि यह स्लीपर प्राइवेट बस लगभग पैंतालीस यात्रियों को लेकर वाराणसी से देश की राजधानी दिल्ली की ओर जा रही थी। सुबह का वक्त होने के कारण रफ्तार काफी तेज थी। यात्रियों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौड़ती बस के चालक को अचानक नींद की एक जोरदार झपकी आ गई, जिसके कारण वह वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और बस आगे चल रहे एक बड़े ट्रक में पीछे से बेहद ताकत के साथ जा घुसी।
सरिये से लदे ट्रक ने बस के अगले हिस्से को काटा, मची चीख-पुकार
हादसे का मंजर इतना खौफनाक था कि टक्कर लगते ही हाईवे पर कोहराम मच गया। जिस ट्रक से बस की भिड़ंत हुई, उसमें लोहे के भारी-भरकम सरिये लदे हुए थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक में पीछे निकले सरियों ने बस के अगले हिस्से को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया। दुर्घटना होते ही बस के भीतर सो रहे यात्रियों में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। आस-पास से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए पुलिस को सूचना दी और बस की खिड़कियां व शीशे तोड़कर फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया।
पैंतीस वर्षीय प्रेम और बाईस वर्षीय दीपक की मौके पर ही थमी सांसें
सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद बस के मलबे में फंसे चालक और परिचालक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों के प्राण पखेरू उड़ चुके थे। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दे दी है। मृतकों की पहचान पैंतीस वर्षीय बस चालक प्रेम और बाईस वर्षीय परिचालक दीपक के रूप में हुई है, जो कि इस अचानक आई आपदा का शिकार बन गए।
यात्रियों ने लगाया इलाज में देरी का आरोप, अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई
हादसे में जीवित बचे और मामूली रूप से घायल हुए एक यात्री ने बताया कि दुर्घटना पूरी तरह से ड्राइवर की लापरवाही और नींद आने के कारण हुई। इसके साथ ही कुछ पीड़ित यात्रियों ने जिला अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों और स्टाफ पर इलाज में देरी करने का भी आरोप लगाया। हालांकि, मामले पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) राहुल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि अस्पताल में दो दर्जन से अधिक घायलों को लाया गया है, जिनका इलाज तुरंत शुरू कर दिया गया था। उन्होंने साफ किया कि किसी भी यात्री को ऐसी चोट नहीं है जो जानलेवा हो, सभी की हालत अब स्थिर है। डॉक्टर राहुल ने पुष्टि की कि बस ड्राइवर और कंडक्टर को अस्पताल लाए जाने से पहले ही मौत हो चुकी थी।



