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श्रावण से पहले ही कांवड़ यात्रा की पहली दस्तक: मुज़फ़्फ़रनगर के ऐतिहासिक शिव चौक पहुंचे आस्था के पथिक, ३० जुलाई से शुरू होगा मेला

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मुज़फ़्फ़रनगर। श्रावण मास शुरू होने से पहले ही मुज़फ़्फ़रनगर में भगवान शिव के भक्तों की आस्था की पहली दस्तक सुनाई देने लगी है। बुधवार शाम करीब 5 बजे शहर की हृदय स्थली शिव चौक मंदिर पर कांवड़ लेकर तीन शिवभक्त पहुंचे। इनमें दो श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे थे, जबकि उनका एक साथी साइकिल के माध्यम से उनके साथ चल रहा था। श्रावण मास की शुरुआत से पहले ही कांवड़ियों के पहुंचने से शिव चौक और आसपास का माहौल अब धीरे धीरे भक्तिमय होना शुरू हो गया है।

मंदिर में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए, जलाभिषेक कर परिक्रमा की और फिर अपनी यात्रा पर निकल पड़े। इससे पहले अपनी लंबी यात्रा आगे जारी रखने से पहले थोड़ी देर विश्राम किया। जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से इक्का-दुक्का कांवड़िए मुज़फ़्फ़रनगर से गुजरते हुए दिखाई देने लगे हैं। दरअसल, जो शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित राज्यों से पैदल यात्रा करते हैं, वे श्रावण शुरू होने से कई सप्ताह पहले ही हरिद्वार, गंगोत्री अथवा यमुनोत्री से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर निकल पड़ते हैं।

ऐसे श्रद्धालुओं में राजस्थान, पंजाब और हरियाणा राज्यों के वे जिले प्रमुख हैं, जहां तक की दूरी 500 से लेकर करीब एक हजार किलोमीटर तक होती है। इतनी लंबी पदयात्रा को समय पर पूरा करने के लिए कांवड़िए लगभग एक माह पहले ही अपनी यात्रा शुरू कर देते हैं। इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ होगा, जबकि श्रावण मास की शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी।

 

इसी दिन लाखों–करोड़ों शिवभक्त अपने-अपने शिवालयों में गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। प्रशासन भी आगामी विशाल कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियों में जुट चुका है। आने वाले दिनों में मुज़फ़्फ़रनगर से होकर गुजरने वाले कांवड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की जा रही है।

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