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जलमग्न हुआ मुजफ्फरनगर का ये गांव: घुटनों तक भरे पानी के बीच छतों पर रहने को मजबूर ग्रामीण, भाकियू नेता ने प्रशासन को घेरा

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मुजफ्फरनगर। जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है। पीपलशाह गांव में जलभराव के कारण हालात इस कदर बेकाबू हो गए हैं कि पूरा इलाका टापू में तब्दील हो चुका है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कद्दावर नेता विकास शर्मा ने गांव की स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद बाढ़ जैसे पानी में उतरकर निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार चेतावनी और गुहार के बावजूद समय रहते कदम नहीं उठाए गए, जिसका खामियाजा आज सैकड़ों निर्दोष ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

पहली ही बरसात में बह गया सालभर का अनाज, सौ से अधिक परिवार हुए बेघर

भाकियू नेता विकास शर्मा ने जलमग्न गलियों और घरों का दौरा करने के बाद बेहद आक्रोशित लहजे में बताया कि पीपलशाह गांव की इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया था। ग्रामीणों की मांग थी कि मानसून से पहले गांव के मुख्य तालाब की गहरी सफाई करा दी जाए और पानी की सुचारू निकासी के लिए एक मजबूत पाइपलाइन बिछा दी जाए। अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया और बड़ी मुश्किल से रास्ता भी पास हुआ, लेकिन धरातल पर पाइपलाइन डालने का काम नहीं किया गया।

नतीजा यह हुआ कि सीजन की पहली ही जोरदार बरसात में पूरा गांव पानी-पानी हो गया। वर्तमान में घरों के भीतर घुटनों तक गंदा पानी हिलोरें मार रहा है। इस अचानक आई आफत के कारण लगभग 100 से अधिक परिवारों का गृहस्थी का सामान, सालभर के लिए रखा अनाज, सब्जियां, कपड़े और बिस्तर पूरी तरह भीगकर बर्बाद हो चुके हैं। हालात इतने बदतर हैं कि जिनके मकान दो मंजिला हैं, उन्होंने ऊपरी कमरों में शरण ले रखी है, लेकिन जिनके पास सिर्फ एक मंजिला मकान है, वे बेबस होकर अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर खुले लेंटर (छत) पर आसमान के नीचे बैठने को मजबूर हैं।

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मकानों में आईं दरारें और पानी में तैर रहे सांप, समाधान होने तक भाकियू का धरना शुरू

बाढ़ के इस पानी ने अब ग्रामीणों की जान पर भी संकट खड़ा कर दिया है। लगातार जलभराव के कारण मिट्टी के और कमजोर पक्के मकानों की नींव बैठ रही है, जिससे कई घरों की दीवारों में चौड़ी दरारें आनी शुरू हो गई हैं। किसी भी वक्त कोई बड़ा मकान भरभराकर गिर सकता है। इससे भी ज्यादा खौफनाक बात यह है कि बाढ़ के पानी के साथ जंगलों से निकलकर जहरीले सांप और बिच्छू सीधे लोगों के ड्राइंग रूम और रसोई तक पहुंच रहे हैं। निरीक्षण के दौरान ही पता चला कि पानी से गुजर रहे एक परिवार के सदस्य को किसी अज्ञात जहरीले जीव ने काट लिया, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है।

प्रशासनिक बेरुखी से नाराज भाकियू नेता विकास शर्मा ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव के जलमग्न हिस्से में ही पक्का मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी कोई अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा है। अगर जलभराव के कारण कोई मकान गिरता है या सांप के काटने से किसी की जान जाती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन की होगी। भाकियू नेता ने साफ कर दिया है कि जब तक मौके पर आकर अधिकारी इस जलभराव का स्थाई समाधान नहीं करते और पानी निकासी की व्यवस्था शुरू नहीं होती, तब तक वे और उनके कार्यकर्ता गांव छोड़कर वापस अपने घर नहीं जाएंगे और पानी के बीच ही आंदोलन पर डटे रहेंगे।

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