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महंगी शिक्षा और पेपर लीक पर बरसे कांग्रेस सांसद, बोले- भ्रष्टाचार ने युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेला

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सहारनपुर। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन कानून, राम मंदिर विवाद, उत्तर प्रदेश की राजनीति, वैश्विक तनाव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों सहित कई समसामयिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी है। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखे हमले बोलते हुए सरकारी नीतियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीयत धार्मिक संस्थाओं और उनकी जमीनों को लेकर साफ नहीं है।

वक्फ से लेकर मंदिरों तक, सरकारी तंत्र की नजरों पर उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश में वक्फ संशोधन कानून को लागू करने की सुगबुगाहट पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की नजर देश की धार्मिक संस्थाओं और उनकी कीमती संपत्तियों पर टिकी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले वक्फ की संपत्तियों को निशाना बनाने की जमीन तैयार की गई और अब यही वजह है कि मंदिरों से जुड़े प्रबंधन में भी लगातार अनियमितताओं के संगीन आरोप सामने आ रहे हैं। वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम या हिंदू सदस्यों को शामिल करने के छिड़े विवाद पर मसूद ने कहा कि इस पूरे मामले को केवल हिंदू-मुस्लिम के चश्मे से देखना बंद करना चाहिए, क्योंकि असली सवाल धार्मिक स्वायत्तता और उनकी संपत्तियों के स्वतंत्र प्रबंधन का है।

सीएम योगी के बयानों पर पलटवार: पूछा- अगर सब साफ है तो क्यों बैठी एसआईटी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर जिसमें उन्होंने विपक्ष पर अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास को नापसंद करने का आरोप लगाया था, इमरान मसूद ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राम मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के निर्माण व प्रबंधन में कोई घोटाला या गड़बड़ी नहीं हुई है, तो फिर इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी जांच बैठाने की नौबत क्यों आई। सरकार को इस पर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसके साथ ही, पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा कब्रिस्तानों पर खर्च किए जाने के सीएम योगी के बयान पर मसूद ने कहा कि कब्रिस्तान भी इसी समाज और देश का हिस्सा हैं, वहां की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज करना और एक विशेष समुदाय के खिलाफ लगातार बयानबाजी करना सरकार को शोभा नहीं देता।

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महंगी शिक्षा, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा

देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का जिक्र करते हुए इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि इस शासनकाल में लगातार हो रहे पेपर लीक ने करोड़ों नौजवानों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा इतनी महंगी हो चुकी है कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा का सपना देखना भी दूभर हो गया है। पूरे तंत्र में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि धार्मिक संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक सोची-समझी रणनीति काम कर रही है। वहीं राम मंदिर विवाद पर राहुल गांधी की चुप्पी के सवाल को खारिज करते हुए मसूद ने कहा कि कांग्रेस हमेशा इस मुद्दे पर मुखर रही है और पहले प्रियंका गांधी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी का स्टैंड साफ कर चुकी हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और ममता बनर्जी पर हमले की निंदा

अंतरराष्ट्रीय मंचों और देश की आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर भी सांसद ने अपनी बात रखी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य व कूटनीतिक तनाव पर उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि ट्रंप की भाषा पूरी दुनिया को डराने-धमकाने वाली है, जो वैश्विक शांति के लिहाज से बेहद खतरनाक है। वहीं ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी के द्विपक्षीय संबंधों वाले बयान पर उन्होंने इसे प्रधानमंत्री पद की एक सामान्य जिम्मेदारी बताया। अंत में, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चुनाव प्रचार के दौरान अंडे फेंके जाने की निंदनीय घटना पर दुख जताते हुए मसूद ने कहा कि ऐसी हिंसक और ओछी हरकतें हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं के बिल्कुल विपरीत हैं और बंगाल में पनप रही यह नई राजनीतिक संस्कृति देश के लोकतंत्र के लिए एक बेहद चिंताजनक संकेत है।

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