मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में मॉनसून की भारी बारिश और उसके बाद पैदा हुए जलभराव के संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सड़कों से लेकर कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसी गंभीर स्थिति को भांपते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जनपद के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में 10 जुलाई (शुक्रवार) को पूर्ण अवकाश घोषित कर दिया है, ताकि स्कूली बच्चों को किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या दुर्घटना से बचाया जा सके।
सड़कों और स्कूलों में भरा पानी, बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लिया फैसला
मुजफ्फरनगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जनपद में ४८ घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शहर और देहात के मुख्य मार्गों, चौराहों और कई विद्यालय परिसरों के भीतर भारी जलभराव हो गया है। ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और छात्र-छात्राओं को आने-जाने में बेहद गंभीर कठिनाइयों और खतरों का सामना करना पड़ रहा था, जिसे देखते हुए छुट्टी का यह तत्काल आदेश जारी किया गया है।
सभी बोर्डों के सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होगा आदेश
प्रशासन द्वारा जारी किए गए इस आधिकारिक आदेश के अनुसार, मुजफ्फरनगर जनपद की सीमा में संचालित होने वाले नर्सरी से लेकर कक्षा १२वीं तक के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त (एडेड), मान्यता प्राप्त, राजकीय (सरकारी) तथा सीबीएसई, आईसीएसई सहित अन्य सभी शिक्षा बोर्डों से संबद्ध स्कूलों में १० जुलाई २०२६ को अनिवार्य रूप से छुट्टी रहेगी। जिला प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए सभी विद्यालय प्रबंधनों, प्रधानाचार्यों और संबंधित शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस शासकीय आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई भी स्कूल इस आदेश का उल्लंघन कर खुला पाया गया, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


