मुज़फ्फ़रनगर। आगामी कांवड़ यात्रा से पहले एक बार फिर ‘नेम प्लेट’ विवाद सुर्खियों में आ गया है। उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर नाम को लेकर भ्रम की स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुज़फ्फ़रनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि हर वर्ष करोड़ों शिवभक्त कांवड़ लेकर हरिद्वार से अपने गंतव्य की ओर जाते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुज़फ्फ़रनगर से होकर गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि यह जनपद के लिए सौभाग्य की बात है और सभी का दायित्व है कि कांवड़ यात्रियों का सम्मान किया जाए तथा उन्हें किसी प्रकार की असुविधा या भ्रम का सामना न करना पड़े।
नेम प्लेट विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि यह केवल कांवड़ यात्रा तक सीमित विषय नहीं है। उन्होंने कहा कि मुज़फ्फ़रनगर से होकर गुजरने वाला यही मार्ग हरिद्वार, ऋषिकेश, बदरीनाथ सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों तक जाता है। ऐसे में देशभर से आने वाले श्रद्धालु अपने परिवार के साथ यात्रा करते हैं और धार्मिक यात्रा के दौरान खान-पान को लेकर विशेष सतर्कता बरतते हैं।
कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि कई लोग सामान्य दिनों में भले ही शाकाहारी न हों, लेकिन धार्मिक यात्रा के दौरान पूरी तरह सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। ऐसे में यदि किसी होटल या ढाबे के नाम और वहां मिलने वाले भोजन के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है तो यह उचित नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऐसा बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि किसी होटल, रेस्टोरेंट या ढाबे पर नाम को लेकर भ्रम की स्थिति बने। ऐसा नहीं होना चाहिए कि होटल के बाहर ‘गणेश’ लिखा हो और अंदर नॉनवेज परोसा जा रहा हो। श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।”
गौरतलब है कि पिछले वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान होटल और ढाबों पर नेम प्लेट लगाने का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था। इस बार भी यात्रा से पहले मंत्री के इस बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है।



