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मुजफ्फरनगर में जलभराव के बीच जनता का फूटा गुस्सा: तालाब ओवरफ्लो होने पर निरीक्षण करने पहुंचीं पालिका अध्यक्ष, विरोध के बाद वापस लौटीं

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मुजफ्फरनगर। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में हालात बद से बदतर हो गए हैं। इसी बीच नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप जलभराव का जायजा लेने और क्षेत्रवासियों का हालचाल जानने के लिए सड़कों पर उतरीं। नगर पालिका के वार्ड नंबर तेरह के अंतर्गत आने वाले केवलपूरी, बसंत विहार और साकेत कॉलोनी से सटे सरकारी तालाब के ओवरफ्लो होने की सूचना पर वह मौके पर पहुंची थीं। पालिका अध्यक्ष के आगमन के साथ ही तालाब से पंप के जरिए पानी निकालने की प्रक्रिया में तेजी तो आई, लेकिन स्थानीय निवासियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। किसान यूनियन के नेता सबरू मलिक वाली गली में कई-कई फीट पानी भरा हुआ है और यह गंदा पानी लोगों के घरों में घुस गया है, जिससे क्षेत्रवासियों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।

गंदे पानी में जाने से किया इनकार, जनता के आक्रोश के आगे टिक नहीं पाए सिपहसालार

जलभराव की इस गंभीर समस्या से जूझ रहे क्षेत्रवासियों ने पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप से उस गली का दौरा करने का पुरजोर आग्रह किया, जहां लोग पिछले तीन दिनों से नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों के लाख कहने के बावजूद पालिका अध्यक्ष ने उस गंदे पानी में कदम रखने से साफ इनकार कर दिया। अपनी जनप्रिया प्रतिनिधि को इस तरह पीछे हटते देख स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने मौके पर ही हंगामा व विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध इतना अधिक बढ़ गया कि माहौल गरमा गया। जनता के भारी आक्रोश और तीखे तेवरों को भांपते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और उनके साथ आए तमाम सभासदों को उल्टे पैर वापस लौटना पड़ा।

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पालिका अध्यक्ष ने दी सफाई, पचास साल से तालाब साफ न होने और अवैध निर्माण को बताया जिम्मेदार

इस पूरे घटनाक्रम और जलभराव की स्थिति पर अपनी सफाई पेश करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने बताया कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सरकारी तालाब पूरी तरह लबालब होकर भर गया है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाया कि नालियों में भारी मात्रा में डिस्पोजल ग्लास, प्लास्टिक की प्लेटें, पन्नी और अन्य कचरा फंसा हुआ है, जिसके कारण पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि लोग नालियों में इस तरह का प्लास्टिक कचरा न डालें, तो पानी का बहाव सुचारू रूप से बना रहेगा।

इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस तालाब की पिछले पचास वर्षों से सफाई नहीं हुई है और इसके आसपास बड़े पैमाने पर अवैध मकान बने हुए हैं। उन्होंने विरोध को लेकर कहा कि यह जनता की अपनी आवाज है, उन्हें खुद कुछ बोलने की जरूरत नहीं पड़ी। पालिका अध्यक्ष ने दावा किया कि नगर पालिका लगातार बेहतर काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह शहर के कई अन्य जलभराव वाले इलाकों में भी गई हैं, जहां पहले भारी पानी भरता था, लेकिन इस बार वहां पालिका के प्रयासों से स्थिति नियंत्रण में है और बहुत कम पानी जमा हुआ है।

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