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पेपर लीक पर मायावती का सरकार पर हमला, बोलीं- संसद से सड़क तक टकराव टालें, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले केंद्र और राज्य सरकारों को कई मुद्दों पर घेरा है। उन्होंने कहा कि देश के मौजूदा राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक हालात को देखते हुए संसद से लेकर सड़क तक टकराव की स्थिति से बचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में हो रही गड़बड़ियों को लेकर सरकारों से तत्काल सख्त कदम उठाने की मांग की।

मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने के साथ ही विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन से लेकर सड़कों और दिल्ली के जंतर-मंतर तक टकराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि देशहित में ऐसी परिस्थितियों को बेहतर सूझबूझ और संवाद के माध्यम से टाला जाना चाहिए।

बसपा प्रमुख ने पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि मेडिकल जैसी महत्वपूर्ण अखिल भारतीय परीक्षाओं से लेकर राज्यों में होने वाली नौकरी भर्ती परीक्षाओं तक लगातार गड़बड़ियों के कारण करोड़ों परिवार परेशान हैं। खासतौर पर युवा और बेरोजगार वर्ग में इसको लेकर आक्रोश बढ़ रहा है, जो विभिन्न आंदोलनों के रूप में सामने आ रहा है।

परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग

मायावती ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह नियंत्रण के लिए सरकारों को तत्काल प्रभावी और कठोर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि युवाओं का भविष्य अनिश्चितता और अंधकार में जाने से बच सके।

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उन्होंने कहा कि युवा वर्ग सरकारी नौकरी के माध्यम से अपने और अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करना चाहता है। ऐसे में भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी उनके सपनों पर बड़ा आघात है।

सरकारी शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर दिया जोर

मायावती ने देश में निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती संख्या का जिक्र करते हुए कहा कि यह स्थिति बताती है कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में अभी काफी सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में भी परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने सरकारों से अपील की कि कोचिंग संस्थानों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी रखी जाए, लेकिन इसके साथ ही प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक सरकारी व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि शिक्षा किसी भी देश और समाज के विकास का मूल आधार है। इसके लिए सरकारों को पर्याप्त बजट और बेहतर गुणवत्ता वाली शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित, सुरक्षित और कल्याणकारी भारत का निर्माण संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों के अनुरूप होना चाहिए।

मायावती ने जंतर-मंतर पर चल रहे युवाओं के आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सरकारें समय रहते युवाओं की समस्याओं का समाधान करें और उनके प्रति संवेदनशील रवैया अपनाएं तो ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सकता है।

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