Home » उत्तर प्रदेश » मुजफ्फरनगर पोस्ट » मुज़फ्फरनगर में हबीबपुर हादसे पर कैबिनेट मंत्री पहुंचे पीड़ित परिवार के घर,बोले- जर्जर और कच्चे मकानों का कराया जाए सर्वे

मुज़फ्फरनगर में हबीबपुर हादसे पर कैबिनेट मंत्री पहुंचे पीड़ित परिवार के घर,बोले- जर्जर और कच्चे मकानों का कराया जाए सर्वे

Facebook
Twitter
WhatsApp

मुज़फ्फरनगर। फुगाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर गांव में बीती रात हुए दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। बारिश के दौरान कच्चे मकान की छत भरभराकर गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें चार मासूम बच्चे और उनके पिता शामिल हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद सोमवार को गांव में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का लगातार पहुंचना जारी रहा।

इसी क्रम में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार हबीबपुर गांव पहुंचे। उनके साथ बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान, पूर्व मंत्री योगराज सिंह और सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रमोद त्यागी आदि कई गणमान्य एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और घटना की जानकारी परिजनों व अधिकारियों से ली। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं सहायता कार्यों की समीक्षा भी की।

मीडिया से बातचीत में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन के अधिकारियों से विस्तृत वार्ता की गई है और सरकार की ओर से जो भी आर्थिक सहायता नियमानुसार संभव होगी, वह पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी।

मंत्री ने कहा कि इस हादसे से सबक लेने की आवश्यकता है। उन्होंने जिला प्रशासन को सुझाव दिया कि जनपद में मौजूद सभी जर्जर और कच्चे मकानों का व्यापक सर्वे कराया जाए, ताकि ऐसे मकानों को समय रहते चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उनका कहना था कि यदि जोखिम वाले मकानों की पहले पहचान कर ली जाए तो भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता है और लोगों की जान बचाई जा सकती है।

ALSO READ THIS :  The X India की खबर का असर: जौली रोड की धंसी सड़क पर जागा PWD, तड़के पहुंची टीम ने की ‘मरहम–पट्टी’

हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। प्रशासन राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा है, जबकि जनप्रतिनिधि लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में रहकर हरसंभव सहायता का भरोसा दे रहे हैं।

 

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें