बागपत। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने किसी दबाव में नहीं, बल्कि स्वयं अपने पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा छात्रों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके हितों के लिए काम करती रहेगी। साथ ही उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और 20 जुलाई की हिंसा को लेकर प्रदर्शनकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
‘भाजपा हमेशा छात्रों के साथ खड़ी रही है’
नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसी राजनीतिक दबाव का परिणाम नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की भावनाओं का सम्मान करती है और उनके हित सर्वोपरि हैं।
उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान ने किसी दबाव में नहीं, बल्कि खुद अपना इस्तीफा दिया है। हम छात्रों के साथ पहले भी थे, आज भी हैं और आगे भी उनके साथ खड़े रहेंगे।”
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा विधायक ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान धार्मिक नारे लगाए गए और भगवान राम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि यदि वहां बड़ी संख्या में हिंदू मौजूद होते तो स्थिति अलग हो सकती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल अधिकांश लोग नीट अभ्यर्थी नहीं थे और पूरे घटनाक्रम की जांच होनी चाहिए।
‘साजिश रचने वालों को याद रहेगा’
विधायक ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया गया, जिसे उन्होंने गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच होगी और यदि किसी साजिश का पता चलता है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने साजिश रचने की कोशिश की है, उनकी सात पीढ़ियां भी इसे याद रखेंगी।”
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
नंद किशोर गुर्जर ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है, जबकि जिन राज्यों में उसकी सरकारें रही हैं या हैं, वहां भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं।
उन्होंने अपने छात्र राजनीति के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले प्रश्नपत्र परीक्षा से कई दिन पहले लीक हो जाते थे और पैसे लेकर नौकरियां देने जैसी घटनाएं आम थीं। उनके अनुसार, वर्तमान सरकार परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है।



