मुज़फ़्फ़रनगर। कांवड़ यात्रा में अक्सर शिवभक्त अपनी-अपनी कांवड़ अलग-अलग लेकर चलते दिखाई देते हैं, लेकिन मुज़फ़्फ़रनगर के शिव चौक पर एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। यहां दिल्ली से आए पति-पत्नी एक ही कांवड़ को दोनों कंधों पर साथ उठाकर कदम से कदम मिलाते हुए आगे बढ़ते नजर आए। यह नज़ारा श्रद्धा, विश्वास और वैवाहिक साथ का ऐसा संदेश बन गया, जिसे देखने वाले देर तक निहारते रहे।
दिल्ली के तिलक नगर निवासी शिवम और उनकी पत्नी शैफाली हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर एक ही कांवड़ के साथ दिल्ली लौट रहे हैं। दोनों एक ही कांवड़ को बारी-बारी नहीं, बल्कि एक साथ अपने-अपने कंधों पर उठाकर पूरी यात्रा तय कर रहे हैं। शिव चौक पहुंचने पर इस अनोखी कांवड़ ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और “हर-हर महादेव” व “बोल बम” के जयकारों के बीच उनका स्वागत किया।
शिवभक्त शिवम ने ‘द एक्स इंडिया’ को बताया कि पिछले वर्ष उनकी पत्नी शैफाली गंभीर रूप से बीमार हो गई थीं। उस कठिन समय में उन्होंने बाबा भोलेनाथ से पत्नी के शीघ्र स्वस्थ होने की मनोकामना की थी और संकल्प लिया था कि स्वास्थ्य लाभ होने पर दोनों मिलकर कांवड़ यात्रा करेंगे। उनका कहना है कि बाबा की कृपा से पत्नी अब पहले से काफी स्वस्थ हैं और उसी संकल्प को पूरा करने के लिए दोनों 22 जुलाई को हरिद्वार की हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर निकले हैं।
शिवम ने ‘द एक्स इंडिया’ को ये भी बताया कि यात्रा के दौरान उनके पैरों में दर्द और परेशानी होने लगी, लेकिन पत्नी ने उनका साथ नहीं छोड़ा। दोनों ने तय किया कि अब पूरी यात्रा एक ही कांवड़ को साथ उठाकर पूरी करेंगे। यही वजह है कि पूरी यात्रा में दोनों एक ही कांवड़ को दोनों कंधों पर उठाकर समान गति से चलते रहे। उनका कहना है कि यह केवल कांवड़ यात्रा नहीं, बल्कि पति-पत्नी के विश्वास, सहयोग और अटूट रिश्ते की भी यात्रा है।
वहीं शैफाली ने ‘द एक्स इंडिया’ को बताया कि वह लंबे समय तक किडनी और लीवर संबंधी गंभीर बीमारी से जूझती रहीं। बीमारी के दौरान सामान्य जीवन भी मुश्किल हो गया था, लेकिन अब स्वास्थ्य में काफी सुधार है। उन्होंने कहा कि बाबा भोलेनाथ की कृपा और पति के विश्वास ने उन्हें नई जिंदगी दी है। इसलिए इस बार दोनों ने मिलकर एक ही कांवड़ उठाने का निर्णय लिया, ताकि यह यात्रा हमेशा उनकी जिंदगी की सबसे यादगार आस्था यात्रा बनी रहे।
मुज़फ़्फ़रनगर के शिव चौक पर पहुंची इस अनोखी कांवड़ ने यह संदेश भी दिया कि जब जीवनसाथी हर मुश्किल में साथ खड़ा हो, तो आस्था का सफर और भी मजबूत हो जाता है। श्रद्धालुओं ने इस जोड़ी की जमकर सराहना की और दोनों को उनकी मनोकामना पूर्ण होने की शुभकामनाएं दीं।



