मुज़फ़्फ़रनगर। जनपद के पुरकाजी कस्बे में साप्ताहिक बंदी के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन देखने को मिला। गुरुवार को जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित साप्ताहिक अवकाश के बावजूद कस्बे का अधिकांश बाजार सामान्य दिनों की तरह खुला रहा। बाजार में सुबह 10 बजे से ही ओपन होनी शुरू हो गई थी, जो कि दोपहर 2 बजे तक भी बदस्तूर ऐसे ही जारी रहा। दुकानें खुलने से यह साफ नजर आया कि प्रशासन के आदेशों का जमीनी स्तर पर कितना पालन हो रहा है।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा द्वारा साप्ताहिक बंदी का कड़ाई से पालन कराने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि श्रमिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निर्धारित साप्ताहिक अवकाश मिल सके। इसके बावजूद गुरुवार सुबह से ही पुरकाजी बाजार की अधिकांश दुकानें खुली दिखाई दीं। बाजार में खरीदारी भी सामान्य दिनों की तरह चलती रही और कहीं भी बंदी का प्रभाव नजर नहीं आया।

स्थानीय निवासी फुरकान, जमशेद और राहुल आदि कई लोगों का कहना है कि पुरकाजी में साप्ताहिक बंदी केवल कागजों तक सीमित रह गई है। हर गुरुवार को बड़ी संख्या में दुकानें खुल जाती हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस ओर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं करते। ऐसे में नियमों का पालन करने वाले व्यापारियों में भी असंतोष देखने को मिलता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश मौजूद हैं, तो आखिर उनके पालन की जिम्मेदारी किसकी है? यदि खुलेआम आदेशों का उल्लंघन होता रहेगा और कार्रवाई नहीं होगी, तो प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।


