नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद पहुंचे और सांकेतिक तरीके से विरोध दर्ज कराया। विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए।
दान पात्र के जरिए किया सांकेतिक प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव अपने साथ एक सांकेतिक दान पात्र लेकर पहुंचे। प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से उस दान पात्र में दान डालकर अपना समर्थन जताया।
साधु के वेश में बैठे पप्पू यादव ने नारे लगाते हुए कहा, “राम राम जपियो रे, सब माल हड़पियो रे।”
रसीद और सीसीटीवी फुटेज पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यह प्रदर्शन अयोध्या में सामने आए कथित आरोपों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया। उनका आरोप है कि मंदिर में दान देने वाले कई श्रद्धालुओं को रसीद नहीं दी गई और मामले से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी कथित तौर पर हटा दिया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष इस पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहता है और आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
‘अमित शाह संसद से गायब क्यों हैं?’
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने एक बैनर भी प्रदर्शित किया, जिस पर लिखा था, “अमित शाह संसद से गायब क्यों हैं?” विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है।
एसआईटी जांच का भी हुआ जिक्र
गौरतलब है कि 26 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का पुनर्गठन किया था।
सपा और कांग्रेस ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की कथित अनियमितताओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी सवाल किया कि मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
वहीं, कांग्रेस नेता अजय राय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन एक पवित्र उद्देश्य के लिए किया गया था, लेकिन अब उस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रस्ट का पुनर्गठन कर उसे शंकराचार्यों, संतों और अयोध्या के स्थानीय प्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में संचालित किया जाना चाहिए।
जांच पूरी होने तक आरोपों की पुष्टि नहीं
राम मंदिर चढ़ावा मामले में विपक्ष लगातार अनियमितताओं के आरोप लगा रहा है। वहीं, राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। फिलहाल जांच जारी है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।


