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असम के बाढ़ पीड़ितों के लिए मसीहा बना रिलायंस फाउंडेशन: नीता अंबानी ने काटा 21 करोड़ का चेक, बोलीं- ‘आप अकेले नहीं हैं!’

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गुवाहाटी। असम में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित हजारों परिवारों की सहायता के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने बड़ा मानवीय कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में 21 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। यह आर्थिक सहायता राज्य में पहले से चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों के अतिरिक्त होगी। फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान पहले की तरह जारी रहेगा और जरूरतमंद लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाई जाएगी।

रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर एवं चेयरपर्सन नीता एम. अंबानी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और आने वाले समय में भी राहत एवं पुनर्वास के कार्य लगातार जारी रखे जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से लोगों का जीवन फिर से सामान्य होगा और उम्मीद की नई किरण जगेगी।

शिवसागर और चराइदेव में राहत अभियान तेज

रिलायंस फाउंडेशन की टीमें असम के सबसे अधिक प्रभावित शिवसागर और चराइदेव जिलों में लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। फाउंडेशन का लक्ष्य इन दोनों जिलों के कम से कम 50 हजार जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री और पुनर्वास सहायता पहुंचाना है। प्रभावित परिवारों को ताजा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं, जबकि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने और जल शोधन प्रणालियों को दोबारा चालू करने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बहाल करने के लिए चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बाढ़ से प्रभावित स्वास्थ्य केंद्रों की सफाई कर उन्हें दोबारा संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों को समय पर उपचार मिल सके। इसके साथ ही राहत शिविरों में रहने वाले परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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पशुधन की सुरक्षा और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान

राहत अभियान केवल लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुधन की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वनतारा की विशेषज्ञ टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर उपचार एवं दवाइयां उपलब्ध करा रही हैं। इससे बाढ़ प्रभावित ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सुरक्षित रखने में भी मदद मिल रही है।

रिलायंस फाउंडेशन का यह अभियान स्थानीय प्रशासन और समुदायों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि राहत शिविरों में रह रहे परिवार जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से अपने घर लौट सकें और सामान्य जीवन की ओर वापस बढ़ सकें।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस सहयोग के लिए रिलायंस फाउंडेशन और नीता अंबानी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन की टीमें भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, अस्थायी आश्रय और पशुधन की देखभाल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय सहयोग दे रही हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से बाढ़ प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत मिलेगी और पुनर्वास कार्यों को गति मिलेगी।

रिलायंस फाउंडेशन की ओर से घोषित 21 करोड़ रुपये की सहायता और व्यापक राहत अभियान को असम में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। इससे हजारों परिवारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पुनर्वास कार्यों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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