मेरठ। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कांवड़ यात्रा के दौरान दुकानदारों से अपनी वास्तविक पहचान सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं के बीच किसी भी प्रकार का भ्रम, विवाद या गलतफहमी पैदा होने की संभावना कम होगी। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य यात्रा के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराना है।
सचिन सिरोही ने बताया कि संगठन ने कांवड़ यात्रा को लेकर एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत मंगलवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने मेरठ के पल्लवपुरम थाना क्षेत्र का दौरा किया और विभिन्न दुकानों का निरीक्षण किया।
मीट की दुकान को लेकर जताई आपत्ति
सिरोही ने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान उन्हें एक मीट की दुकान पर्दा लगाकर संचालित होती दिखाई दी। उनके अनुसार संगठन की ओर से दुकान संचालक को प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर मीट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में यदि कोई दुकान संचालित होती पाई जाती है तो यह निर्धारित निर्देशों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित दुकान संचालक ने इस संबंध में बहानेबाजी की।
फल विक्रेता की पहचान सार्वजनिक करने की अपील
सचिन सिरोही ने यह भी दावा किया कि उसी स्थान पर एक फल विक्रेता का ठेला लगा हुआ था। उनके अनुसार बारकोड के माध्यम से ठेला संचालक का नाम जावेद होने की जानकारी मिली, जबकि ठेले पर उसकी पहचान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं थी।
उन्होंने कहा कि दुकानदारों को अपनी वास्तविक पहचान सार्वजनिक रूप से लिखनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति के नाम या धर्म से उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन पहचान छिपाकर व्यापार करना उचित नहीं है।
भोजन की शुद्धता और पारदर्शिता पर दिया जोर
सिरोही ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न स्थानों पर भोजन और फल खरीदते हैं। ऐसे में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी दुकानदार अपनी वास्तविक पहचान के साथ कारोबार करें ताकि किसी प्रकार के विवाद या संदेह की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद लोगों के मन में चिंताएं बढ़ी हैं। इसलिए पहचान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है।
भगवा वस्त्र पहनकर यात्रा करने की भी अपील
सचिन सिरोही ने कहा कि जो श्रद्धालु कांवड़ यात्रा या जलाभिषेक के लिए जा रहे हैं, उन्हें हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुरूप भगवा वस्त्र धारण कर यात्रा करनी चाहिए। उनका मानना है कि इससे धार्मिक आस्था और परंपरा का सम्मान बना रहेगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेरठ से हरिद्वार मार्ग पर कुछ भोजनालय हिंदू नामों से संचालित किए जा रहे हैं, जबकि उनके संचालक मुस्लिम समुदाय से हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में वास्तविक पहचान सार्वजनिक होनी चाहिए और यदि प्रशासन को किसी प्रकार की अनियमितता मिले तो नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
सचिन सिरोही के ये बयान उनके संगठन की ओर से कांवड़ यात्रा के दौरान चलाए जा रहे अभियान के संदर्भ में सामने आए हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा जारी दिशा-निर्देशों के पालन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।



