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‘बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा’: शिक्षक दिवस पर अखिलेश का बड़ा हमला, बोले सत्ता में आए तो फिर खुलेंगे 26 हजार स्कूल

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लखनऊ। शिक्षक दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जाने को लेकर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बंद किए गए प्राथमिक विद्यालयों को दोबारा खोला जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही शोषित, वंचित, गरीब और पीड़ित समाज में सामाजिक एवं राजनीतिक चेतना पैदा करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के बंद प्राथमिक विद्यालयों में ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया। पार्टी ने इस अभियान के लिए ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा’ का नारा दिया है।

बंद स्कूलों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्टर जारी करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद किए हैं और समाजवादी पार्टी शिक्षक दिवस के दिन इन सभी बंद स्कूलों में ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम आयोजित कर रही है।

सपा अध्यक्ष के मुताबिक इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंद पड़े विद्यालयों की ओर सरकार और समाज का ध्यान आकर्षित करना तथा सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश देना है।

शिक्षा से ही आएगी सामाजिक और राजनीतिक जागरूकता

अखिलेश यादव ने कहा कि समाज के शोषित और वंचित तबकों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। उनके अनुसार शिक्षा के माध्यम से गरीब, पिछड़े और पीड़ित समाज में सामाजिक तथा राजनीतिक चेतना विकसित होगी।

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उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ने से समाज में मौजूद भेदभाव और वर्चस्व की व्यवस्था को चुनौती मिलेगी। इसके साथ ही बराबरी और सामाजिक न्याय की दिशा में भी मजबूती आएगी।

‘सामाजिक न्याय का राज’ लाने की बात

सपा प्रमुख ने अपने संदेश में शिक्षा को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए कहा कि समाज में समता और समानता की स्थापना के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के जरिए ऐसा वातावरण तैयार किया जा सकता है, जहां भेदभाव खत्म हो और सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।

अखिलेश यादव ने इसे सौहार्दपूर्ण वातावरण और सामाजिक न्याय की स्थापना से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा के माध्यम से वंचित वर्गों को मजबूत करने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाएगी।

सत्ता में आने पर 26 हजार से ज्यादा स्कूल खोलने का दावा

अखिलेश यादव इससे पहले भी प्रदेश के बंद प्राथमिक विद्यालयों के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बंद किए गए 26 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोला जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देने के बजाय सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है। अखिलेश के मुताबिक इसका सबसे ज्यादा असर समाज के पिछड़े, वंचित और कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है।

पीडीए विद्यार्थियों पर असर का लगाया आरोप

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों में बड़ी संख्या ऐसे परिवारों से आती है, जिन्हें बेहतर शिक्षा और संसाधनों की जरूरत है। ऐसे में विद्यालयों के बंद होने का सीधा असर गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर पड़ता है।

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उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही वंचित और पिछड़े समाज में जागरूकता पैदा की जा सकती है। शिक्षा से सामाजिक चेतना मजबूत होगी और बराबरी तथा सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार होगा।

शिक्षक दिवस पर सपा का ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान

शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी ने बंद प्राथमिक विद्यालयों को लेकर ‘पाठशाला पुकारे’ कार्यक्रम के जरिए सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई है। पार्टी का कहना है कि बंद स्कूलों को फिर से खोलना और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।

सपा ने अपने अभियान को ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो पीडीए पढ़ेगा’ के नारे से जोड़ते हुए इसे शिक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दे के रूप में पेश किया है। माना जा रहा है कि इस अभियान के जरिए पार्टी आगामी दिनों में सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को और प्रमुखता से उठाएगी।

शिक्षा के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज

उत्तर प्रदेश की राजनीति में शिक्षा और सरकारी विद्यालयों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। शिक्षक दिवस पर अखिलेश यादव के बयान और सपा के अभियान ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के बीच ला दिया है। एक ओर सपा बंद विद्यालयों को फिर से खोलने की मांग कर रही है, वहीं अखिलेश यादव ने सत्ता में आने पर इन्हें दोबारा खोलने का वादा भी दोहराया है।

ऐसे में ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान के जरिए समाजवादी पार्टी शिक्षा व्यवस्था, सरकारी स्कूलों और पीडीए वर्ग के विद्यार्थियों के मुद्दे को लेकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करती नजर आ रही है।

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