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अखिलेश के कमीशनखोरी वाले बयान पर अनिल राजभर का पलटवार, बोले सपा सरकारें भ्रष्टाचार में डूबी थीं

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के कमीशनखोरी को लेकर दिए गए बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने सपा पर भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की सरकारें भ्रष्टाचार में डूबी रही हैं, वे आज भ्रष्टाचार की बात कर रहे हैं। राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास विकास को लेकर कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए उसके नेता बेवजह की बातें कर रहे हैं।

अनिल राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना

अनिल राजभर ने अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्थिति उस कहावत जैसी है कि सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकारें और उन्हें चलाने वाले लोग भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए थे और अब वही लोग भ्रष्टाचार पर सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सपा के पास विकास के मुद्दे पर बोलने के लिए कुछ नहीं है। इसी वजह से पार्टी के मुखिया की आदत बेतुकी बातें करने की बनती जा रही है।

चार महीने बाद जनता देगी जवाब

अनिल राजभर ने आगामी चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि अब चुनाव में करीब चार महीने का समय रह गया है। उन्होंने दावा किया कि जनता चुनाव में समाजवादी पार्टी को उसके सवालों का जवाब देगी।

राजभर के बयान से साफ है कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही सत्तारूढ़ भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला और तेज होने की संभावना है।

आकाश आनंद के मुद्दे पर बोले राजभर, अंदरूनी मामलों में दखल न हो

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आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद की ओर से आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल कराने की पेशकश और बसपा सुप्रीमो मायावती को लेकर सपा सांसद डिंपल यादव के पीडीए संबंधी बयान पर भी अनिल राजभर ने प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के अंदरूनी मामले में किसी दूसरे व्यक्ति या दल को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। राजभर ने कहा कि मायावती बसपा की मुखिया हैं और पार्टी को चलाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। वह अपने तरीके से फैसले ले रही हैं और उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है।

मायावती के फैसलों पर टिप्पणी से बचने की अपील

अनिल राजभर ने कहा कि राजनीतिक दलों के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से सभी को बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पार्टी का अपना संगठन और नेतृत्व होता है तथा उसके फैसले लेने का अधिकार भी उसी नेतृत्व के पास होता है।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बसपा में आकाश आनंद को लेकर हाल के दिनों में बड़े संगठनात्मक बदलाव देखने को मिले हैं और इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

17 सितंबर से शुरू होगी बाइक यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर भाजपा की ओर से आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए अनिल राजभर ने 17 सितंबर से शुरू होने वाली बाइक यात्रा का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इन 25 वर्षों में प्रधानमंत्री ने मां भारती की जिस तरह सेवा की है, उसका पार्टी स्वागत करती है। इसी क्रम में पार्टी ने विभिन्न कार्यक्रम तय किए हैं और सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा।

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एक महीने तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

अनिल राजभर के अनुसार सेवा संकल्प अभियान करीब एक महीने तक चलेगा। उन्होंने बताया कि अभियान में विशेष तौर पर युवाओं को जोड़ने के लिए कार्यक्रम तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि युवा मोटरसाइकिलों के जरिए यात्रा करेंगे और इस दौरान लोगों को जागरूक करने के साथ चौपालों का आयोजन भी किया जाएगा। इसके जरिए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े कार्यों और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

वाराणसी और गुजरात से निकलेंगे बाइक यात्रा के जत्थे

मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि बाइक यात्रा के लिए दो प्रमुख जत्थे निकाले जाएंगे। इनमें एक जत्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से रवाना होगा, जबकि दूसरा जत्था गुजरात से निकलेगा।

भाजपा की ओर से आयोजित इस अभियान को युवाओं से जोड़ने और प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेवा और जनसंपर्क कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।

चुनावी माहौल में तेज हुई सियासी बयानबाजी

अखिलेश यादव के कमीशनखोरी के आरोप पर अनिल राजभर के पलटवार से उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप प्रत्यारोप का दौर और तेज होता दिखाई दे रहा है। एक ओर विपक्ष सरकार पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी जैसे आरोप लगा रहा है, वहीं भाजपा नेता पिछली सपा सरकारों के कार्यकाल को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

आगामी चुनाव को देखते हुए दोनों प्रमुख राजनीतिक खेमों के बीच विकास, भ्रष्टाचार और संगठन से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत हैं।

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