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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: नृपेंद्र मिश्र के बयान को अयोध्या के संतों का समर्थन, बोले- ‘कलंक मिटाना संभव नहीं, सुधार बेहद जरूरी’

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अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे (दान) की चोरी से जुड़े विवाद पर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के बयान का अयोध्या के साधु-संतों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पुरजोर समर्थन किया है। नृपेंद्र मिश्र द्वारा इस घटना को ‘कलंक और शर्मिंदगी’ बताने वाले बयान पर संतों ने कहा कि इस कृत्य से न सिर्फ मंदिर प्रबंधन बल्कि पूरे सनातन समाज को ठेस पहुंची है। सभी ने एक स्वर में मंदिर की आंतरिक सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था (सिस्टम) में तत्काल कड़े सुधार करने की मांग की है।

संत बोले- ‘आरोपियों के पूरे परिवार पर लगा अमिट कलंक’

साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के बयान से पूरी तरह सहमत हैं। राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर हर श्रद्धालु और संत समाज शर्मिंदा है। अब सबसे बड़ा काम यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी किसी घिनौनी घटना की पुनरावृत्ति न हो।” उन्होंने आगे कहा कि देश-विदेश के करोड़ों लोगों की अटूट आस्था इस पावन मंदिर से जुड़ी है और उस जन-विश्वास को बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। महंत सीताराम दास ने मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि पुलिस प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए दोषियों पर जो कार्रवाई की है, वह सराहनीय है।

इसी क्रम में रामादल ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित कल्कि राम ने भी नृपेंद्र मिश्रा के रुख की सराहना की। उन्होंने कहा, “नृपेंद्र मिश्रा बेहद जिम्मेदार पद पर हैं और पूरा भव्य निर्माण उन्हीं की देखरेख में हो रहा है। उनकी बातें हमेशा प्रामाणिक होती हैं।” कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने रामलला के चढ़ावे की चोरी जैसा महापाप किया है, उन्होंने न केवल खुद को बल्कि अपने पूरे परिवार को कलंकित कर लिया है, जिसे वे जीवनभर नहीं धो पाएंगे।

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मुख्यमंत्री की त्वरित कार्रवाई और एसआईटी जांच पर पूरा भरोसा

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह मूल रूप से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का अंदरूनी मामला है और ट्रस्ट में देश के कई बेहद सम्मानित और जिम्मेदार लोग शामिल हैं, जो उचित निर्णय लेने में पूरी तरह सक्षम हैं।

मेयर ने कहा, “शुरू से ही यह बात पूरी तरह साफ है कि जो कुछ भी हुआ, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण था और ऐसा कतई नहीं होना चाहिए था।” उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने जिस तत्परता से एसआईटी का गठन किया और जांच को आगे बढ़ाया, उससे अयोध्या की आम जनता के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री के ‘सच सामने लाने और दोषियों को कठोर सजा देने’ के आश्वासन पर अयोध्यावासियों को पूरा भरोसा है।

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