दिल्ली/मुजफ्फरनगर। देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को भविष्य की रीढ़ मानते हुए संसद से राष्ट्रपति भवन तक चर्चा चल रही है। ऐसे में बिजनौर संसदीय क्षेत्र समेत मुजफ्फरनगर ने राष्ट्रीय स्तर पर धमाकेदार उपस्थिति दर्ज कराई।
मुजफ्फरनगर निवासी बिजनौर के सांसद चंदन चौहान को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों AI प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र मिला। पूरे जिले में गर्व की लहर दौड़ गई।

राष्ट्रपति की दूरदर्शी बात
मुजफ्फरनगर स्थित अपने आवास पर मीडिया को जानकारी देते हुए सांसद चंदन चौहान ने बताया कि राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति ने सांसदों और छात्रों को एक मंच पर सम्मानित किया।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि नीतिनिर्माताओं का तकनीकी दक्ष होना जरूरी है। नीतियां भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनेंगी। AI को भारत की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक प्रगति का मजबूत आधार बताया।

चंदन चौहान की प्रेरणादायक उपलब्धि
बिजनौर सांसद चंदन चौहान की यह सफलता साबित करती है कि जनप्रतिनिधि संसद तक सीमित नहीं हैं। वे खुद नई तकनीक सीखकर समाज को दिशा दे रहे हैं। AI प्रशिक्षण लेकर सांसद ने संदेश दिया कि डिजिटल इंडिया और विकसित भारत में बिजनौर मजबूती से खड़ा है।
शिक्षा, कौशल और नेतृत्व का संगम
समारोह में छात्रों और सांसदों का एक साथ सम्मान इस बात का संकेत है कि आने वाला समय शिक्षा, कौशल और नेतृत्व का गहरा मेल होगा। चंदन चौहान की पहल बिजनौर के युवाओं, विद्यार्थियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षण संस्थानों के लिए बड़ा प्रेरणास्रोत बनेगी।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा
राजनीतिक हलकों में इसे “टेक्नोलॉजी-संवेदनशील नेतृत्व” का ठोस कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में बिजनौर को शिक्षा, कौशल विकास और डिजिटल नवाचार में लाभ मिलेगा। जिला राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान बनाएगा।

बिजनौर के भविष्य का मजबूत संदेश
यह उपलब्धि सिर्फ सांसद चंदन चौहान की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि बिजनौर के भविष्य की तकनीकी सोच का मजबूत संदेश है। जिले के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं।



