बद्रीनाथ। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को बद्रीनाथ धाम पहुंचे। धाम पहुंचने पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने फूल मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बद्रीनाथ धाम में पुलिस और प्रशासन की टीमों को तैनात किया गया है।
श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर किया अभिवादन
बद्रीनाथ धाम पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। धाम और आसपास के क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ ही व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है।
देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल और कथा महोत्सव में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री धामी बद्रीनाथ धाम में आयोजित देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल और कथा महोत्सव में शामिल होंगे। शनिवार से शुरू हुए इस महोत्सव में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जीवन की झलक देखने को मिल रही है।
महोत्सव में गढ़वाली लोकनृत्य और लोकसंगीत के साथ विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी। इसके अलावा स्थानीय हस्तशिल्प, हथकरघा, जैविक उत्पाद और पारंपरिक व्यंजनों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ है महोत्सव की थीम
भारतीय सेना और जिला प्रशासन चमोली के संयुक्त तत्वावधान में ऑपरेशन सद्भावना के तहत इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव की थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ रखी गई है।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को संरक्षित करना, सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय कला एवं संस्कृति को व्यापक मंच उपलब्ध कराना है।
सेना की प्रदर्शनी में दिखेगी राष्ट्र निर्माण की भूमिका
महोत्सव में भारतीय सेना की ओर से विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें राष्ट्र निर्माण, सीमाओं की सुरक्षा और आपदा राहत कार्यों में सेना की भूमिका को प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके साथ ही समाज के प्रति सेना की प्रतिबद्धता और सीमांत क्षेत्रों के साथ उसके जुड़ाव को भी प्रदर्शनी के माध्यम से सामने रखा जाएगा।
महिला समूहों और स्थानीय कारीगरों के लगाए गए स्टॉल
आयोजन स्थल पर महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कारीगरों, किसानों और युवा उद्यमियों के लिए विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा, जैविक उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और महिला स्वयं सहायता समूहों तथा युवाओं की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
सीमांत क्षेत्रों की संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता से रूबरू होंगे पर्यटक
महोत्सव के दौरान सीमांत गांवों की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक महत्व को भी प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक इसके जरिए देशभर से बद्रीनाथ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सीमांत क्षेत्रों की जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
इसके साथ ही पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की भावना से जुड़ा आयोजन
आयोजन को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की भावना से जोड़ते हुए सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
महोत्सव में स्थानीय कलाकारों, कारीगरों, किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों को अपनी प्रतिभा और उत्पाद देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय संस्कृति को पहचान देने के साथ ही क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
