प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रतापगढ़ की धरती से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के गठबंधन पर अब तक का सबसे तीखा और सीधा राजनीतिक हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि जो दल कभी भगवान राम के अस्तित्व को नकारते थे और बाबरी ढांचे के ढहने पर घड़ियाली आंसू बहाते थे, वे आज राजनीतिक लाभ के लिए गिरगिट की तरह रंग बदलकर अचानक सनातन आस्था की दुहाई दे रहे हैं। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाली और सनातन परंपरा का दमन करने वाली ताकतों को भारतीय आस्था पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
384 करोड़ की 111 विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को प्रतापगढ़ के विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जनपद को विकास की नई रफ्तार देते हुए 384 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का रिमोट का बटन दबाकर भव्य लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज विपक्ष के पास विकास और सुशासन के नाम पर जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मिलकर समाज को जाति के नाम पर बांटने और सनातन आस्था पर प्रहार करने की गहरी साजिश रच रहे हैं।
‘जो राम-कृष्ण को काल्पनिक बताते थे, वे आज अयोध्या की बात कर रहे’
विपक्ष की नीतियों पर प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह देश और प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा देकर भगवान राम और भगवान कृष्ण के ऐतिहासिक अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए थे और उन्हें काल्पनिक बताया था। आज वही कांग्रेस और उसके सिपहसालार चुनावी फायदे के लिए अयोध्या और सनातन आस्था की बात कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि इन दोनों दलों ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति के तहत बाबरी ढांचे का खुलकर समर्थन किया और बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
विकास का पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्री में लगाया, धार्मिक स्थलों को छोड़ा: सीएम
समाजवादी पार्टी को निशाने पर लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इतिहास की कड़वी यादों को ताजा किया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के कार्यकाल में निहत्थे और निर्दोष रामभक्तों पर क्रूरतापूर्वक गोलियां चलवाई गईं, वे किस मुंह से आज मंदिर और चढ़ावे की बात करते हैं? पूर्ववर्ती सरकारों की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले की सरकारों में हिंदू धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पवित्र स्थलों के संरक्षण और पुनरुद्धार की घोर उपेक्षा की गई। जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी खजाने के संसाधनों का इस्तेमाल केवल कब्रिस्तानों की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) बनाने में किया गया।
जनता बहकावे में नहीं आएगी, ‘विकास और विरासत’ ही प्राथमिकता
अपने संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि देश और उत्तर प्रदेश की प्रबुद्ध जनता अब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के इस छद्म और दोहरे चरित्र को पूरी तरह समझ चुकी है और वह अब किसी भी प्रकार के बहकावे या दुष्प्रचार में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार ‘विकास भी और विरासत भी’ के मूल मंत्र को लेकर बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ रही है। प्रदेश में एक तरफ जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे और उद्योगों का जाल बिछ रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमारी प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को वैश्विक पटल पर उसका गौरव वापस दिलाया जा रहा है।



