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सीएम योगी बोले- नारी का सम्मान और स्वावलंबन ही रामराज्य का आधार, बेटियों की शिक्षा पर सरकार का जोर

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बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नारी को सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन मिलने से ही रामराज्य की स्थापना का संकल्प साकार हो सकता है। मां भगवती की आराधना का वास्तविक अर्थ भी यही है कि समाज प्रत्येक महिला के सम्मान और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध रहे। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा, महिलाओं की गरिमा और उनके आर्थिक सशक्तीकरण को सरकार प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बलरामपुर स्थित देवीपाटन मंदिर परिसर में आयोजित ‘शिक्षा की उड़ान’ पहल के तहत स्टडी टेबल एवं आशीर्वाद पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नवदुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रतीक नौ कन्याओं का तिलक किया, उन्हें चुनरी ओढ़ाई और चॉकलेट भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बच्चों को अध्ययन सामग्री और प्रोत्साहन उपहार भी वितरित किए गए।

बेटियों की शिक्षा और स्वावलंबन पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बड़ी संख्या में बेटियां बीच में ही पढ़ाई छोड़ देती थीं। उनके अनुसार, उस समय हर पांचवीं बेटी के स्कूल में दाखिला लेने के बाद पढ़ाई छोड़ने की स्थिति सामने आती थी। विद्यालयों में शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी छात्राओं की शिक्षा में बाधा बन रहा था।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद उन्होंने अधिकारियों से बेटियों के स्कूल छोड़ने के कारणों की जानकारी मांगी। शुरुआती तौर पर विद्यालयों की दूरी को एक वजह बताया गया, लेकिन जांच के लिए टीम गठित करने पर कई स्कूलों में शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई।

उन्होंने कहा कि इसके बाद बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाने, पेयजल उपलब्ध कराने और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले बड़ी संख्या में बच्चे बिना जूते-चप्पल के स्कूल जाते थे और सर्दियों में कई बच्चों के पास स्वेटर तक नहीं होते थे। इन समस्याओं को दूर करने के लिए विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की गई।

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1.60 करोड़ बच्चों को मिल रहीं शैक्षिक सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर साल करीब 1.60 करोड़ बच्चों को दो यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, पुस्तकें, स्वेटर और जूते-मोजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य आर्थिक स्थिति के कारण किसी भी बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होने देना है।

उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से सरकारी विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार किया जा रहा है। स्कूलों में बेहतर फर्श, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे उन बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ने का अवसर मिल रहा है, जिनकी पहुंच पहले कंप्यूटर और डिजिटल संसाधनों तक नहीं थी।

योगी आदित्यनाथ ने आकांक्षी जनपद में मंडलायुक्त और जिला प्रशासन की ओर से शुरू की गई स्टडी टेबल वितरण पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और स्वावलंबन से जुड़ी सुविधाओं का लाभ बिना भेदभाव समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचेगा।

महिलाओं को आवास और सरकारी योजनाओं में अधिकार

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए संचालित योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास की धनराशि महिला मुखिया के नाम पर दिए जाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि मकान के मालिकाना अधिकार में महिलाओं की भागीदारी उनके आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करती है।

उन्होंने उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं के नाम गैस कनेक्शन दिए जाने और घरौनी योजना के माध्यम से संपत्ति के अधिकार में महिलाओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, तीन करोड़ से अधिक घरों में शौचालयों का निर्माण महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से भी जुड़ा है।

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योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 1.10 करोड़ परिवारों को सालाना 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।

भारतीय इतिहास में नारी शक्ति की भूमिका का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और इतिहास में महिलाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए माता कौशल्या, माता जानकी, शबरी, देवकी, यशोदा, द्रौपदी, मैत्रेयी और गार्गी को नारी शक्ति के सामर्थ्य का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी की भूमिका परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण रही है।

उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के मंदिरों के पुनरुद्धार में योगदान और रानी लक्ष्मीबाई के अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का उल्लेख किया। साथ ही अवंतीबाई लोधी, ऊदा देवी पासी और झलकारी बाई के साहस तथा देश के लिए उनके योगदान को भी याद किया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के संविधान निर्माण के समय ही महिलाओं को पुरुषों के समान मतदान का अधिकार मिला। उन्होंने नवरात्र को नारी सम्मान और महिला सशक्तीकरण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर बताते हुए प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। साथ ही विजयदशमी पर भगवान श्रीराम के विजय उत्सव को भव्यता से मनाने की बात कही।

प्रदर्शनी का उद्घाटन, किसानों को कृषि उपकरण वितरित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने फीता काटकर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कृषि, उद्यान, रेशम विकास, पराग मिल्क और कृषि विज्ञान केंद्र के स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां प्रदर्शित योजनाओं तथा गतिविधियों की जानकारी ली।

विराट किसान मेले में उन्होंने कस्टम हायरिंग सेंटर के तहत किसानों को चाबियां सौंपीं और कीटनाशक छिड़काव यंत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीक और आधुनिक उपकरणों का उपयोग किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में सहायक हो सकता है। कृषि मेले के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

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उन्होंने राष्ट्रीय सरयू नहर परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि परियोजना पूरी हो चुकी है और इसकी शाखाओं का विस्तार कृषि विकास को गति देने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री ने किसानों की आय, सिंचाई सुविधाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों को महत्वपूर्ण बताया।

बच्चों को स्टडी टेबल, स्टेशनरी किट और आशीर्वाद पत्र

‘शिक्षा की उड़ान’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के विद्यार्थियों को स्टडी टेबल देकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने हीरालाल, अर्चना, काजल, प्रभु जायसवाल, निसफा, गणेश, चांदनी, शालू, बेबी, रुद्राणी, सानिया और सुधा को आशीर्वाद पत्र तथा स्टेशनरी किट प्रदान की।

राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को ट्रैक सूट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपनी लिखी कविताओं की प्रकाशित पुस्तक मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें नियमित अध्ययन करने और अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने कहा कि देवीपाटन मंदिर परिसर में नवरात्र के अवसर पर कन्या पूजन और प्रतिभावान बच्चों का सम्मान भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं का उदाहरण है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से बच्चों को प्रोत्साहित किए जाने की सराहना करते हुए क्षेत्र और जनपद की ओर से उनका आभार जताया।

शिक्षा और महिला सशक्तीकरण को विकास का आधार बताया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में शिक्षा, महिला सुरक्षा, आर्थिक स्वावलंबन और कृषि विकास को प्रदेश की प्रगति से जोड़ते हुए कहा कि समाज में महिलाओं को सम्मान और अवसर मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके भविष्य को मजबूत किया जा सकता है।

देवीपाटन मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कन्या पूजन, विद्यार्थियों का सम्मान, स्टडी टेबल वितरण और कृषि प्रदर्शनी जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा।

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