Home » उत्तर प्रदेश » जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं करीब 200 लोगों की फरियादें, बोले- ‘घबराइए मत, हर परेशानी का होगा समाधान’

जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं करीब 200 लोगों की फरियादें, बोले- ‘घबराइए मत, हर परेशानी का होगा समाधान’

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मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा, ‘घबराइए मत, आपकी समस्या का समाधान जरूर कराया जाएगा।’ उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिप्रद तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

कुर्सियों तक खुद पहुंचे मुख्यमंत्री, आत्मीयता से सुनी फरियाद

गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। लोगों को कुर्सियों पर बैठाया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद उनके बीच पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री ने लोगों से आत्मीयता के साथ पूछा कि वे कहां से आए हैं और उनकी क्या समस्या है। फरियादियों की बात सुनने के बाद उन्होंने उनके प्रार्थना पत्र लिए और संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनता की समस्या का समाधान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। हर शिकायत का निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो तथा फरियादी को कार्रवाई से संतुष्टि भी मिलनी चाहिए।

जमीन पर कब्जे की शिकायत पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जनता दर्शन में कई लोग जमीन पर कब्जे से जुड़ी शिकायतें लेकर भी पहुंचे। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को उसकी जमीन या संपत्ति पर अवैध कब्जे की स्थिति में परेशान नहीं होना चाहिए। संबंधित अधिकारी शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।

गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पहुंचे लोग, सीएम ने दिया भरोसा

जनता दर्शन में कई ऐसे लोग भी पहुंचे, जिन्होंने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि पैसे की कमी इलाज में बाधक नहीं बनने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जरूरतमंद लोगों के इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल से इलाज का एस्टीमेट तैयार कराने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और उसे शासन को भेजा जाए।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों को संवेदनशीलता से काम करने की हिदायत

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दर्शन में आने वाले प्रत्येक पीड़ित की समस्या को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक समाधान होना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने और शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाली कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

गुरु गोरखनाथ के दर्शन के बाद की गोसेवा

गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोमवार सुबह की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने शिवावतार गुरु गोरखनाथ का विधि-विधान से दर्शन और पूजन किया। इसके बाद अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा के समक्ष शीश झुकाकर उनका आशीर्वाद लिया।

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पूजन के बाद मुख्यमंत्री मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। इस दौरान वह मंदिर की गोशाला पहुंचे और गोसेवा की। उन्होंने गोवंश को दुलारा और अपने हाथों से उन्हें गुड़ खिलाया।

जनता से सीधा संवाद बना सीएम योगी की प्राथमिकता

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। करीब 200 लोगों से मुलाकात के दौरान उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित को अपनी समस्या को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि शिकायत का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा, जहां वह औपचारिक दूरी बनाए रखने के बजाय खुद लोगों तक पहुंचे और उनकी परेशानियां सुनकर समाधान का भरोसा देते नजर आए।

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