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सीएम योगी की कांग्रेस को चेतावनी: अराजकता से बाज आए, वरना बचा-खुचा राजनीतिक अस्तित्व भी गंवा देगी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए देश में अराजकता का माहौल बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला और अलोकतांत्रिक तरीकों से अस्थिरता पैदा करने की कोशिश जारी रखी तो वह अपना बचा-खुचा राजनीतिक जनाधार भी खो सकती है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को अपनी गलतियों पर आत्ममंथन करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप आचरण करने की नसीहत दी।

सोमवार को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी अपनी गलतियों से सबक लेने के बजाय लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है। उनके मुताबिक, जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है कि उसे लगातार चुनावों में अस्वीकृति का सामना क्यों करना पड़ रहा है।

राजनीतिक विफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने का आरोप

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक असफलताओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अपने नेतृत्व और आचरण की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से लगातार मिल रही अस्वीकृति के कारणों पर विचार करने के बजाय कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

सीएम योगी के अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है। राजनीतिक दलों को अपनी नीतियों, कार्यशैली और जनसमर्थन के आधार पर जनता के सामने जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से जागरूक है और अराजक या अलोकतांत्रिक आचरण को लंबे समय तक स्वीकार नहीं करेगी।

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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के सिमटते जनाधार का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने वर्ष 1985 के बाद कांग्रेस को दोबारा सत्ता में आने का अवसर नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि देश के अन्य राज्यों में भी धीरे-धीरे कांग्रेस का जनाधार कमजोर हुआ है, लेकिन पार्टी नेतृत्व अपनी राजनीतिक स्थिति की समीक्षा करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने में लगा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि जनता के बीच विश्वास कायम करने के लिए जिम्मेदार राजनीतिक व्यवहार और मुद्दों पर आधारित संवाद जरूरी है। उनके मुताबिक, अपनी विफलताओं को स्वीकार करने के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाने से पार्टी की स्थिति में सुधार नहीं होगा।

दिल्ली में अव्यवस्था फैलाने का लगाया आरोप

मुख्यमंत्री योगी ने दिल्ली में कांग्रेस की गतिविधियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से राजधानी में कांग्रेस की ओर से अव्यवस्था पैदा की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना और राजनीतिक विरोध के नाम पर अव्यवस्था पैदा करना उचित नहीं है।

सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का पूरा स्थान है, लेकिन विरोध प्रदर्शन और अराजकता के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों को अपनी बात लोकतांत्रिक तरीकों से रखनी चाहिए और आम लोगों की समस्याओं का ध्यान रखना चाहिए।

चुनाव में जीत का श्रेय लेने और हार पर सवाल उठाने पर निशाना

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर चुनावी नतीजों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर पार्टी अपनी जीत का श्रेय लेती है, जबकि हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगती है।

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उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न्यायालयों के फैसलों से असहमति होने पर न्यायपालिका को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की जाती है। सीएम योगी के मुताबिक, संवैधानिक संस्थाओं के प्रति इस तरह का रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक दलों को संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों और मुद्दों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपने राजनीतिक आचरण की समीक्षा करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

‘जनता और युवाओं को गुमराह करने से बचे कांग्रेस’

योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को अपनी राजनीतिक असफलताओं के कारणों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नेतृत्व की विफलताओं का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने से जनता का विश्वास दोबारा हासिल नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को जनता और युवाओं को गुमराह करने से बचने की नसीहत देते हुए कहा कि उसे अराजकता के बजाय मुद्दों और तथ्यों के आधार पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध स्वाभाविक है, लेकिन इसे संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने या व्यवस्था को अस्थिर करने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

अंत में मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने अपना रवैया नहीं बदला और इसी तरह अलोकतांत्रिक तरीकों से अस्थिरता पैदा करने की कोशिश जारी रखी, तो वह अपना शेष राजनीतिक आधार भी गंवा सकती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था में जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाना ही देश और जनता के हित में है।

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