नई दिल्ली। मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। बीते दिनों बारिश और बादलों के कारण तापमान में मिली राहत अब धीरे-धीरे खत्म होती नजर आ रही है। राजधानी और आसपास के इलाकों में गर्मी बढ़ने लगी है और आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, मौसम विभाग ने फिलहाल भारी बारिश या किसी अन्य गंभीर मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश के आसार सीमित
स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने के कारण फिलहाल तेज या भारी बारिश की संभावना कम है। इसके चलते तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
29 अगस्त को राजधानी में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विभाग की ओर से इस दिन के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
30 और 31 अगस्त को भी गर्मी से राहत के आसार कम
30 अगस्त को भी मौसम लगभग इसी तरह रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इस दौरान आर्द्रता करीब 75 से 60 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है।
31 अगस्त को भी अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन फिलहाल भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी नहीं है।
सितंबर की शुरुआत में पारा थोड़ा नीचे आने की उम्मीद
सितंबर की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर के लोगों को तापमान के मोर्चे पर कुछ राहत दे सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 1 सितंबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
2 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं, 3 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। इन दिनों भी आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है।
36 डिग्री की गर्मी के बीच हवा की गुणवत्ता ने बढ़ाई चिंता
तापमान बढ़ने के साथ दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता भी चिंता का विषय बनती जा रही है। बारिश की गतिविधियां कम होने और वातावरण में नमी के कारण प्रदूषक तत्वों के फैलाव पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब स्तर की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार में एक्यूआई 376 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। मथुरा रोड का एक्यूआई 181, अशोक विहार में 142, अलीपुर में 138, बुराड़ी क्रॉसिंग में 134, आया नगर में 128 और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 114 दर्ज किया गया।
वहीं, चांदनी चौक में एक्यूआई 85 और कैंटोनमेंट क्षेत्र में 71 दर्ज हुआ। इन इलाकों की स्थिति दिल्ली के अन्य क्षेत्रों की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर रही।
नोएडा में भी कई इलाकों की हवा खराब
नोएडा में भी वायु गुणवत्ता को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शहर के चार सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई ग्रीन श्रेणी से काफी ऊपर दर्ज किया गया।
सेक्टर 125 में एक्यूआई 174, सेक्टर 62 में 128, सेक्टर 1 में 148 और सेक्टर 116 में सबसे अधिक 187 दर्ज किया गया। आंकड़ों से साफ है कि नोएडा के कई प्रमुख इलाकों में लोगों को खराब हवा का सामना करना पड़ रहा है।
लोनी में प्रदूषण सबसे ज्यादा, संजय नगर की हवा बेहतर
गाजियाबाद में अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता में काफी अंतर देखने को मिला। उपलब्ध छह सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों में गोविंदपुरम का एक्यूआई 49, इंदिरापुरम का 83, लोनी का 206, संजय नगर का 42, वसुंधरा का 177 और वेद विहार-लोनी का 140 दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों में संजय नगर की हवा सबसे बेहतर रही, जहां एक्यूआई 42 दर्ज किया गया। गोविंदपुरम में भी एक्यूआई 49 रहा। दूसरी ओर लोनी में एक्यूआई 206 तक पहुंच गया, जो इलाके में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। वसुंधरा में भी एक्यूआई 177 दर्ज किया गया।
मानसून कमजोर होने से प्रदूषण बढ़ने की आशंका
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश की गतिविधियां कम होने, हवा की गति में बदलाव और वातावरण में मौजूद नमी के कारण प्रदूषक तत्वों के फैलाव की स्थिति प्रभावित हो सकती है। बारिश के दौरान वातावरण में मौजूद कई प्रदूषक तत्व नीचे बैठ जाते हैं, लेकिन बारिश कम होने पर उनका असर दोबारा दिखाई दे सकता है।
ऐसे में आने वाले दिनों में केवल तापमान ही नहीं, बल्कि वायु गुणवत्ता पर भी लगातार नजर रखना जरूरी होगा। खासकर उन इलाकों में जहां एक्यूआई पहले से खराब या बेहद खराब श्रेणी में पहुंच चुका है।
दिल्ली-एनसीआर के सामने दोहरी चुनौती
फिलहाल मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए किसी बड़ी मौसमी चेतावनी जारी नहीं की है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर के सामने गर्मी और प्रदूषण की दोहरी चुनौती खड़ी होती दिखाई दे रही है। 29 से 31 अगस्त के बीच अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि सितंबर के शुरुआती दिनों में इसमें मामूली कमी आने की उम्मीद है।
बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की स्थिति में उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। वहीं, कई इलाकों में खराब एक्यूआई के कारण सांस से जुड़ी परेशानी वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है। मौसम और हवा की गुणवत्ता में होने वाले बदलाव पर आने वाले दिनों में लगातार नजर बनी रहेगी।


